
अनिल अंबानी पर एक और मुश्किल, इस तारीख तक बड़े भाई मुकेश अंबानी भी नहीं कर सकेंगे मदद
नई दिल्ली। दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ती जा रही है। अब नई कड़ी में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन यानी आर कॉम के सामने अपना स्पेक्ट्रम अपने बड़े भाई की कंपनी जियो इन्फोकॉम को बेचने में देरी हो सकती है। दरअसल अनिल अंबानी अपना कर्ज उतारने के लिए अपनी कंपनी के स्पेक्ट्रम जियो को बेचना चाहते थे। इसके लिए अनिल ने टेलिकॉम डिपार्टमेंट से स्वीकृति मांगी थी। लेकिन अब इसमें अड़चन आ गई है। टेलिकॉम अधिकारियों का कहना है कि वे आरकॉम की स्पेक्ट्रम की बकाया रकम के लिए जमीन को गारंटी के तौर पर स्वीकार नहीं करेंगे और ट्राइब्यूनल के ऑर्डर में बदलाव के लिए आवेदन दाखिल करेंगे।
मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर को
अब टीडीसेट यानी टेलिकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्राइब्यूनल इस मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर को करेगा। जिससे साफ हो गया है कि अनिल की कंपनी आरकॉम को अगले कुछ दिनों में जियो को स्पेक्ट्रम बेचने के लिए स्वीकृति मिलनी मुश्किल है। इससे स्वीडन की टेलिकॉम इक्विपमेंट कंपनी एरिक्सन को पेमेंट करने में आरकॉम को और देरी होगी।
कंपनी पर करीब 46,000 करोड़ का कर्ज
आपको बता दें कि अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम पर करीब 46,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। कंपनी अपने एसेट्स जियो और ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्रूकफील्ड को लगभग 18,000 करोड़ रुपये में बेचने की कोशिश कर रही है। आरकॉम अपने फाइबर और स्विचिंग नोड्स जियो को करीब 5,000 करोड़ रुपये में बेच चुकी है।
Published on:
08 Oct 2018 12:18 pm
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