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Parle-G का ऐलान, नफरत फैलाने वाले न्यूज़ चैनलों को कंपनी नहीं देगी विज्ञापन

पार्ले-जी (Parle-G) बिस्किट बनाने वाली कंपनी ने फैसला किया है कि वे जहरीला कंटेंट दिखाने वाले किसी भी न्यूज चैनल को विज्ञापन (Advertisement To News Channels) नहीं देगी।  

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Parle G Decided Not To Give Advertisement To News Channels

नई दिल्ली। बिस्किट बनाने वाली कंपनी पार्ले-जी (Parle-G) ने न्यूज चैनलों पर विज्ञापन न देने का फैसला लिया है। कम्पनी ने साफ तौर पर कहा है कि वे आज से ऐसे टीवी चैनलों को विज्ञापन नहीं देगी जो सनसनी फैलाते हैं, नफरत फैलाते हैं। कंपनी के इस फैसले के बाद से लिए सोशल मीडिया पर उसकी खूब तारीफ हो रही है।

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कंटेट में सुधार करें चैनल

पार्ले-जी के वरिष्ट अधिकारी कृष्णराव बुद्ध (Krishna Rao Buddha) का कहना है कि कंपनी ने समाज में जहर घोलने वाले और नफरत को बढावा देने वाले कंटेट को दिखाने वाले सभी समाचार चैनलों को विज्ञापन नहीं देना का फैसला किया है। कृष्णराव ने आगे बताया कि ये फैसला समाचार चैनलों को सीधा मैसेज देने के लिए है कि वे अपने कंटेट में सुधार करें।

सोशल मीडिया पर हुई तारीफ

पार्ले-जी के इस फैसले की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। ट्वीटर पर लोग कंपनी के कदम की खुल कर तारीफ कर रहे हैं। बहुत सारे लोगों ने पार्ले-जी का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।

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बजाज ने उठाया था ऐसा कदम

पार्ले-जी से पहले बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने भी ऐसा कदम उठाया था। उन्होंने तीन न्यूज चैनलों को अपने विज्ञापन के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया था। राजीव ने कहा था कि 'हमारा ब्रांड ऐसी लोगों के साथ नहीं जुड़ता है, जो समाज में जहर घोलने का काम करते हैं।

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TRP रेटिंग का चल रहा युद्ध

पिछले दिनों मुंबई पुलिस ने ‘टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट’ (TRP ) से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था। जिसमें पुलिस ने दावा किया था कि कुछ न्यूज चैनल लोगों को पैसा देकर अपनी TRP बढ़वा रहे हैं।

बता दें टीआरपी का मतलब टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट होता है। इसके जरिए इस बात का पता लगाया जाता है कि टीवी का कौन सा कार्यक्रम सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। जो चैनल सबसे ज्यादा देखा जाता है उसकी TRP सबसे अधिक होती है और जिस चैनल की टीआरपी ज्यादा होती है उसे विज्ञापन ज्यादा और महंगे मिलते है।