6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

माल्या के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 अप्रेल को विशेष अदालत में माल्या के विरुद्ध वारंट जारी करने के लिए याचिका दाखिल की थी

2 min read
Google source verification

image

Amanpreet Kaur

Apr 18, 2016

vijay mallya

vijay mallya

मुंबई। हजारों करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने के मामले में फंसे उद्योगपति विजय माल्या के खिलाफ यहां एक विशेष अदालत ने सोमवार को गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी। विशेष न्यायाधीश पी.आर. भावके ने प्रीवेंशन ऑफ मनी लाउंडरिंग अधिनियम के तहत माल्या के विरुद्ध मामले की सुनवाई करते हुए गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 अप्रेल को विशेष अदालत में माल्या के विरुद्ध वारंट जारी करने के लिए याचिका दाखिल की थी। माल्या दो मार्च से विदेश में हैं। इस वारंट के बाद इंटरपोल के लिए माल्या के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही माल्या को देश में भी कहीं भी और किसी भी वक्त गिरफ्तार किया जा सकता है।

विशेष अदालत ने माल्या के वकीलों अमित देसाई और प्रणब बधेकर के इस तर्क को खारिज कर दिया कि बंद हो चुकी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के अधिकारीगण प्रवर्तन निदेशालय के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और उन्हें भगोड़ा या
असहयोगी नहीं कहा जाना चाहिए।

माल्या के वकीलों ने निदेशालय के इस आरोप को गलत बताया कि माल्या ने कर्ज का उपयोग विदेशी संपत्ति में निवेश करने में किया। उन्होंने विशेष अदालत से अनुरोध किया कि निदेशालय की मांग के मुताबिक इस मामले में माल्या के विरुद्ध सख्त आदेश जारी न करें।

निदेशालय के वकील हितेन वेनगांवकर ने सोमवार को अदालत से कहा कि माल्या को निश्चित रूप से खुद को निदेशालय के समक्ष पेश करना चाहिए, जिसने इससे पहले उनके खिलाफ दर्ज काले धन की हेराफेरी मामले में उन्हें तीन बार समन
भेजा है।

निदेशालय ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ होने की भी आशंका जाहिर की। प्रवर्तन निदेशालय ने 9,000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज नहीं चुकाने और काले धन की हेराफेरी के मामले में माल्या को तीन बार सम्मन किया, लेकिन माल्या उसके सामने उपस्थित नहीं हुए।

18 मार्च, दो अप्रेल और नौ अपेे्रल को निदेशालय के सामने उपस्थित नहीं होने के बाद माल्या ने निदेशालय से मई तक का और समय मांगा है। उल्लेखनीय है कि 15 अपे्रल को ही केंद्र सरकार ने माल्या का राजनयिक पासपोर्ट निलंबित कर दिया है।

ये भी पढ़ें

image