जैक मा बचपन से ही तेज थे और छोटी सी बात पर भी अपने सहपाठियों से लड़ाई कर बैठते थे। जैक मा 'अलीबाबा' नामक एक किताबा में अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहते है कि मैं उनसे खुद से बड़े लोगों से कभी डरता नहीं था। जैक बचपन में बाकी बच्चो जैसे ही थे और उन्हे बचपन में क्रीकेट नामक कीड़े को पकड़ कर उन्हे लड़ाना बहुत पसंद था। उन्हे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की कीड़ कितना बड़ा था, उन्हे तो बस उन कीड़ों को पकड़ कर आपस में लड़ाना पसंद था।