Google और Apple Store से हटने के बाद Tiktok ने दी सफाई, China के साथ नहीं कर रहे हैं Data Share

  • Tiktok ने अपने Twitter Hnde पर किया Post, Tiktok India Head की ओर से दी गई जानकारी
  • हाल ही में Apple ने किया था खुलासा, Tiktok कर रहा है Mobile User के Data को एक्सेस

By: Saurabh Sharma

Updated: 30 Jun 2020, 12:15 PM IST

नई दिल्ली। भारत ही नही पूरी दुनिया में मशहूर हो चुके शॉर्ट वीडियो शेयरिंग ऐप Tiktok को भारत में गूगल प्ले स्टोर ( Google Play Store ) और एपल स्टोर ( Apple Store ) से हटा दिया गया है। इस बैन के बाद टिकटॉक ( Tiktok Clarification ) की ओर से सफाई भी पेश की गई है। टिकटॉक इंडिया ( Tiktok India ) के हेड ने ट्वीटर हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा है कि टिकटॉक यूजर का डाटा ( Tiktok User Data ) चीन समेत किसी भी देश के शेयर नहीं करता है। वो हमेशा यूजर की गोपनीयता और सुरक्षा ( User Privacy and Security ) का ख्याल रखता है। कुछ दिनों पहले ऐपल ने टिकटॉक पर जासूसी करने का भी आरोप ( Tiktok accused of Spying ) लगाया था।

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करते हैं भारत सरकार के आदेश का समान
टिकटॉक इंडिया के हेड निखिल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत सरकार ने टिकटॉक सहित कुल 59 ऐप को बैन करने के लिए अंतरिम आदेश जारी किया है। वो सरकार के फैसले का सम्मान करते हुए आदेश का पालन कर रहे हैं। सरकार की ओर से स्पष्टीकरण देने के लिए उन्हें अधिकारियों से मिलने और अपनी बात रख्खने के लिए आमंत्रित किया गया है।

नहीं करते हैं किसी के साथ डाटा शेयर
निखिल गांधी की ओर से कहा गया है कि कंपनी भारतीय कानून और लोगों की गोपनियता का पूरा ख्याल रखती है। वो किसी भी देश फिर वो चीन ही क्यों न हो डाटा शेयरिंग नहीं कर रही है। अगर कंपनी से कोई किसी भी यूजर का डाटा मांगेगा तो भी नहीं देंगे। निखिल गांधी के अनुसार टिकटॉक लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत 14 भारतीय भाषाओं में सर्विस दे रहा है। भारत में इसके करीब 10 करोड़ यूजर्स हैं। जिसमें कई क्ष्ेात्रों के लोग शामिल हैं।

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एपल ने लगाए थे जासूसी के आरोप
भले ही बैन होने के बाद टिकटॉक की ओर से सफाई आ गई हो, लेकिन पिछले दिनों एपल की ओर से दिए गए जासूसी सबूत की वजह अभी भी शक के घेरे में है। एपल ने कहा था कि उसके नए आईओएस 14 बीटा की मदद से खुलासा हुआ है कि बैकग्राउंड में एपल आईफोन के क्लिपबोर्ड को एक्सेस कर रहा था। सिक्योरिटी रिसर्चर्स टॉमी मिस्क और तलाल हज बेक्री की ओर से दी जानकारी के अनुसार यूजर्स के डेटा को एक्सेस करने वाले ऐप्स में टिकटॉक का नाम है। टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस ा बयान आया था कि ये समस्या आउटडेटेड गूगल एडवर्टाइजिंग एसडीके के कारण आई थी, जिसे रिप्लेस कर दी गई गया है। एपल के आरोप अनुसार बाइटडांस का दावा बिल्कुल गलत है। टिकटॉक को कई बार क्लिपबोर्ड को एक्सेस करते पकड़ा गया है।

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Saurabh Sharma Desk/Reporting
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