scriptVijay Mallya Extradition not happen, secret action is going in Britain | आदेश के बाद भी नहीं हुआ विजय माल्या का प्रत्यर्पण, ब्रिटेन में चल रही है गुप्त कार्यवाही | Patrika News

आदेश के बाद भी नहीं हुआ विजय माल्या का प्रत्यर्पण, ब्रिटेन में चल रही है गुप्त कार्यवाही

  • केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को विजय माल्या पर दी पूरी जानकारी, कहा जानबूझकर की जा रही है देरी
  • कोर्ट को बताया, ब्रिटेन माल्या मामले में कर रहा है गोपनीय कार्यवाही, भारत को नहीं दी गई इस बात की जानकारी

नई दिल्ली

Updated: October 06, 2020 10:39:50 am

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण का मामला समाप्त हो चुका है, लेकिन ब्रिटेन में इस मामले में कुछ गोपनीय कार्यवाही चल रही है, जिसकी जानकारी भारत को भी नहीं दी गई है। केंद्र ने कहा कि भारत को माल्या के प्रत्यर्पण में देरी की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को माल्या के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र ने यह बात कही।

Vijay Mallya Extradition not happen, secret action is going in Britain
Vijay Mallya Extradition not happen, secret action is going in Britain

ब्रिटेन की गुप्त कार्यवाही, भारत को जानकारी नहीं
केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि ब्रिटेन की शीर्ष अदालत ने प्रत्यर्पण का आदेश दे दिया था, लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा है। कुछ "गुप्त" कार्यवाही हो रही है, जिसके बारे में भारत सरकार को भी अवगत नहीं कराया गया है। भारत सरकार को न तो कोई जानकारी दी गई है और न उसे पक्षकार बनाया गया है।

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पीठ ने माल्या के वकील को दिया आदेश
पीठ ने माल्या के वकील अंकुर सहगल से कहा कि वे इन गोपनीय कार्यवाहियों की प्रकृति के बारे में अदालत को सूचित करें। न्यायमूर्ति ललित ने सहगल से कहा कि वह अदालत को सूचित करें कि उनका मुवक्किल शीर्ष अदालत के समक्ष कब पेश होगा, ताकि अदालत की अवमानना के लिए सजा पर सुनवाई उनकी उपस्थिति में की जा सके, जिसके लिए वह पहले ही दोषी पाए जा चुके हैं। शीर्ष अदालत ने माल्या के वकील से दो नवंबर तक इन सवालों के जवाब देने को कहा है। सहगल ने कहा कि वह अपने मुवक्किल से निर्देश लेंगे।

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माल्या को उपस्थित होने का दिया था आदेश
31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने 2017 के फैसले की समीक्षा की मांग वाली माल्या की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसने उन्हें अदालत की अवमानना के लिए दोषी ठहराया था। शीर्ष अदालत ने पांच अक्टूबर को अदालत के समक्ष माल्या को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने माल्या को अवमानना का दोषी माना था, क्योंकि शराब कारोबारी ने अपनी संपत्ति का पूरा हिसाब नहीं दिया था।

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माल्या पर दर्ज हैं कई मामले
न्यायाधीश यूयू ललित और अशोक भूषण की पीठ ने पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए कहा कि मामले में फिर से सुनवाई की अनुमति नहीं दी जा सकती है। विजय माल्या बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए बैंकों से लिए 9 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्ज की अदायगी नहीं करने के मामले में आरोपी है। इस समय वह ब्रिटेन में रह रहा है, जिसके प्रत्यर्पण के लिए सरकार कोशिश कर रही है।

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