
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स डील पर आखिरकार मुहर लग गई है। वॉलमार्ट ने देश की सबसे बड़ी ई-कामर्स कंपनी फ्लिफकार्ट को 1 लाख करोड़ में खऱीदा। आपको बता दें कि इस डील के बाद फ्लिफकॉर्ट की 70 फीसदी हिस्सेदारी वॉलमार्ट की हो जाएगी। अभी फिलहाल 30 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स बाजार पर फ्लिपकार्ट और अमेजन का नियंत्रण है। जो इस डील के बाद बदल जाएगी। वॉलमार्ट और फ्लिफकॉर्ट के डील की पुष्टि सॉफ्टबैंक के सीईओ मासायोशी सन ने की है।
अमेजन ने भी की थी पेशकश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस डील के मार्केट की दूसरी दिग्गज कंपनी अमेजन ने भी पेशकश की थी। ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने फ्लिपकार्ट में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की पेशकश की थी, लेकिन कंपनी का निदेशक मंडल वालमार्ट की पेशकश के पक्ष में है। वहीं, इस बीच फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक सचिन बंसल के कंपनी से बाहर होने की खबरें आ रही है। रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि बंसल अपनी 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर कंपनी छोड़ सकते हैं। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
क्यों हुई ये डील
इस डील के जरिए वॉलमार्ट अमेरिका और दूसरे देशों में अमेजन को टक्कर देने का रास्ता ढूंढ रही है। ऑनलाइन सेल्स को बढ़ाने के लिए वॉलमार्ट अमेरिका में हुए हालिया जेट.कॉम डील और चीन में जेडी.कॉम के साथ हुई डील से आगे निकलना चाहती है। भारत में वॉलमार्ट को रेग्युलेशन के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और फ्लिपकार्ट में निवेश उसे ऑनलाइन रिटेल मार्केट में बड़ी जगह मिल जाएगी।
मार्केट लीडर है फ्लिफकॉर्ट
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच की रिपोर्ट में कहा गया है कि 43 फीसदी से ज्यादा मार्केट शेयर के साथ फ्लिपकार्ट मार्केट लीडर है।जबकि अमेजन का मार्केट शेयर 37 फीसदी और स्नैपडील का मार्केट शेयर मात्र 9 फीसदी रह जाएगा। वॉलमार्ट दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल चेन में से एक है। वहीं फ्लिपकार्ट देश की सबसे बड़ी ईकॉमर्स कंपनी में से एक हैं। जिसका भारत की मार्केट में 40 फीसदी का हिस्सा है। ऐसे में फ्लिपकार्ट का वॉलमार्ट में विलय हो जाता है तो वॉलमार्ट में देश में पहली ऐसी विदेशी कंपनी होगी जिसके स्टोर्स भारत में होंगे।
Published on:
09 May 2018 05:16 pm
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