
Aadhaar in Google Wallet (Image: Gemini)
Aadhaar in Google Wallet: आज के दौर में अगर हम घर से निकलते वक्त अपना बटुआ (वॉलेट) भूल जाएं, तो शायद उतनी टेंशन नहीं होती जितनी फोन भूलने पर होती है। वजह साफ है हमारा ज्यादातर काम अब मोबाइल से ही हो जाता है। इसी कड़ी में एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि अब गूगल वॉलेट (Google Wallet) में आप अपना आधार कार्ड भी स्टोर कर पाएंगे।
सुनने में यह बड़ा सुविधाजनक लगता है, लेकिन जब बात आधार जैसे संवेदनशील दस्तावेज की आती है, तो मन में पहला सवाल यही उठता है "क्या यह सुरक्षित होगा?" आइए जानते हैं इस नए अपडेट की पूरी कहानी और सुरक्षा का गणित।
यह जानकारी किसी आधिकारिक घोषणा से नहीं, बल्कि गूगल वॉलेट ऐप के अंदरूनी कोड से सामने आई है। एक्सपर्ट्स ने जब ऐप के लेटेस्ट वर्जन की बारीकी से जांच की, तो वहां कई जगह 'Aadhaar' लिखा हुआ मिला। इसका सीधा मतलब है कि गूगल के इंजीनियर इस फीचर को जोड़ने पर काम कर रहे हैं और जल्द ही यह हमारे फोन में होगा।
सबसे बड़ा डर यह होता है कि अगर फोन चोरी हो गया या किसी और के हाथ लग गया, तो क्या वह हमारा आधार देख पाएगा? गूगल वॉलेट की सबसे अच्छी बात यह है कि यह आपके फोन के बायोमेट्रिक लॉक (फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक) पर काम करता है। यानी जब तक आप खुद ऐप को अपनी पहचान देकर नहीं खोलेंगे, तब तक कोई भी आपके आधार की डिटेल्स नहीं देख पाएगा।
गूगल वॉलेट में जो भी डॉक्यूमेंट्स रखे जाते हैं, वे पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड (Encrypted) होते हैं। आसान भाषा में कहें तो आपका डेटा एक ऐसे कोड में बदल दिया जाता है जिसे कोई तीसरा व्यक्ति, यहां तक कि गूगल खुद भी नहीं पढ़ सकता। भारत में आधार को डिजिटल रूप में रखने के लिए गूगल सरकारी डिजीलॉकर (DigiLocker) की मदद ले सकता है, जैसा कि सैमसंग अपने वॉलेट में पहले से कर रहा है।
फिलहाल हम आधार के लिए या तो एम-आधार (mAadhaar) ऐप रखते हैं या फिर डिजीलॉकर। गूगल वॉलेट में यह फीचर आने के बाद आपको अलग से कोई ऐप रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप इसी ऐप से पेमेंट भी कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर अपनी पहचान (ID) भी दिखा पाएंगे। यानी एक ही ऐप में आपकी पूरी डिजिटल दुनिया समा जाएगी।
ऐप का लुक भी बदलने वाला है
सिर्फ आधार ही नहीं, गूगल अपने वॉलेट ऐप के डिजाइन को भी थोड़ा मॉडर्न बना रहा है। अब ऐप में आपको नीचे की तरफ दो नए बटन दिख सकते हैं। एक बटन से आप नए डॉक्यूमेंट्स जोड़ पाएंगे और दूसरे से अपनी पूरी लिस्ट देख सकेंगे। इससे ऐप को चलाना पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा।
अभी यह फीचर टेस्टिंग के दौर में है। जब यह रोलआउट होगा, तो आपको बस अपना आधार नंबर डालकर इसे वेरिफाई करना होगा। सुरक्षा के लिहाज से यह उतना ही सुरक्षित माना जा रहा है जितना कि आपका डिजिटल बैंक अकाउंट।
Published on:
13 Jan 2026 12:46 pm
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