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अब हर कोई बनेगा फिल्म मेकर… गूगल के नए AI टूल से 4K क्वालिटी में जनरेट होंगे वीडियो, फोन से ही दिखेगा सिनेमा जैसा जादू

गूगल ने पेश किया Google Veo 3.1 AI टूल। अब अपने फोन से ही बनाएं 4K क्वालिटी वीडियो और YouTube Shorts। इसमें मिलेगी सिनेमा जैसी क्लैरिटी और सुरक्षा के लिए SynthID वॉटरमार्क। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

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भारत

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Rahul Yadav

Jan 14, 2026

Google Veo 3.1

Google Veo 3.1 (Image: Google Blog)

Google Veo 3.1: कल्पना कीजिए, आपको एक फिल्म बनानी है और आपके पास न महंगा कैमरा है, न ही कोई प्रोफेशनल एडिटिंग टीम। बस एक जबरदस्त आइडिया है और हाथ में एक साधारण सा फोन। गूगल ने इसी कल्पना को हकीकत में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

टेक दिग्गज गूगल ने अपने एआई वीडियो जनरेशन मॉडल 'Veo' का नया अपडेट Veo 3.1 पेश कर दिया है। यह अपडेट साधारण वीडियो बनाने वाले लोगों से लेकर प्रोफेशनल क्रिएटर्स तक, सबके लिए किसी जादू से कम नहीं है।

रील्स और शॉर्ट्स बनाने वालों की मौज

आजकल हर कोई यूट्यूब शॉर्ट्स और इंस्टाग्राम रील्स के पीछे दीवाना है। गूगल ने इस नब्ज को पकड़ा और Veo 3.1 में खास तौर पर वर्टिकल वीडियो (9:16 aspect ratio) बनाने का फीचर जोड़ दिया है। अब आप सिर्फ एक रेफरेंस इमेज (अपनी पसंद की कोई फोटो) का इस्तेमाल करके सीधे वर्टिकल वीडियो जनरेट कर सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको वीडियो की क्वालिटी से समझौता नहीं करना पड़ेगा और न ही उसे बाद में क्रॉप करने की झंझट होगी।

एक ही चेहरा, अलग-अलग सीन

एआई वीडियो के साथ अब तक सबसे बड़ी समस्या यह थी कि एक सीन से दूसरे सीन में जाते ही कैरेक्टर का चेहरा या हुलिया बदल जाता था। लेकिन गूगल का दावा है कि Veo 3.1 में 'विजुअल कंसिस्टेंसी' का खास ख्याल रखा गया है। यानी अगर आप एक कहानी बना रहे हैं, तो आपका मुख्य किरदार हर सीन में एक जैसा ही दिखेगा, भले ही आप उसकी सेटिंग बदल दें। इसके अलावा, आप पुराने बैकग्राउंड, ऑब्जेक्ट्स और टेक्सचर को भी दोबारा इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे कहानी कहने का अंदाज (storytelling) और भी बेहतर और प्रोफेशनल हो जाएगा।
सिनेमा जैसी क्लैरिटी और 4K का दम

वीडियो तो बन गया, लेकिन अगर वो धुंधला हो तो मजा किरकिरा हो जाता है। गूगल ने इसका समाधान 'अपस्केलिंग' (upscaling) के रूप में दिया है। अब Veo 3.1 से तैयार वीडियो को 1080p और 4K रेजोल्यूशन तक बढ़ाया जा सकता है। गूगल का कहना है कि 4K क्वालिटी में वीडियो इतना साफ और शार्प होगा कि बड़ी स्क्रीन पर भी वह बिल्कुल सिनेमाई अहसास देगा।

असली और नकली की पहचान

एआई के बढ़ते दौर में यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि क्या असली है और क्या एआई की कारीगरी। इसे ध्यान में रखते हुए, गूगल Veo 3.1 से बने हर वीडियो में 'SynthID' डिजिटल वॉटरमार्क का इस्तेमाल करेगा। अगर किसी को शक हो, तो वह वीडियो को जेमिनी (Gemini) ऐप पर अपलोड करके चेक कर सकेगा कि इसे एआई ने बनाया है या नहीं।

आपको कहां मिलेगा यह फीचर?

गूगल इस नई तकनीक को सीधे आपके फोन तक पहुंचा रहा है। Veo 3.1 के ये शानदार फीचर्स जल्द ही YouTube Shorts app, YouTube Create app और Gemini app पर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, प्रोफेशनल काम के लिए यह Flow, Vertex AI और Google Vids जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी रोल आउट किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, गूगल ने वीडियो क्रिएशन की दुनिया की खिड़की सबके लिए खोल दी है। अब देखना यह है कि क्रिएटर्स इस एआई जादू का इस्तेमाल करके कितनी कमाल की कहानियां हमारे सामने लाते हैं।