
Grok AI Controversy in India (Image: Gemini)
Grok AI Controversy in India: सोशल मीडिया पर हम और आप अपनी या परिवार की तस्वीरें खुशी साझा करने के लिए डालते हैं, लेकिन जरा सोचिए अगर वही तस्वीरें किसी एआई (AI) के गलत इस्तेमाल का शिकार हो जाएं और उन्हें बेहद आपत्तिजनक तरीके से पेश किया जाए तो? यह कोई डरावनी फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि एलन मस्क के प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) से जुड़ा एक गंभीर विवाद है।
मस्क के एआई टूल Grok के दुरुपयोग को लेकर अब भारत सरकार का पारा चढ़ गया है। सरकार ने साफ शब्दों में X को चेतावनी दी है, ''72 घंटे में सुधार करो, वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहो।''
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और यूजर्स ने शिकायत की है कि X का प्रीमियम AI चैटबॉट Grok, कुछ मामलों में आपत्तिजनक कमांड्स को रोकने में नाकाम रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ यूजर्स ने सामान्य तस्वीरों को अश्लील रूप में बदलने की कोशिश की, और प्लेटफॉर्म के स्तर पर मौजूद तकनीकी सुरक्षा इन्हें रोकने में पूरी तरह प्रभावी नहीं दिखी।
हैरानी की बात यह है कि जहां ChatGPT या गूगल Gemini जैसे AI प्लेटफॉर्म ऐसी गंदी कमांड्स को तुरंत ब्लॉक कर देते हैं, वहीं Grok के सुरक्षा फिल्टर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। न पर्याप्त रोक-टोक, न स्पष्ट जवाबदेही।
भारतीय यूजर्स और महिलाओं की गरिमा व निजता को लेकर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने X को एक कड़ा नोटिस भेजते हुए साफ कहा कि प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की गरिमा और प्राइवेसी के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार ने X से 72 घंटे के भीतर ‘Action Taken Report’ (ATR) मांगी है। यानी कंपनी को लिखित में बताना होगा कि उसने इस तरह के आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं और आगे क्या करेगी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर X ने सरकार की बात नहीं मानी तो क्या होगा? यहीं आता है Safe Harbour का मुद्दा। भारत के IT कानून के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यूजर कंटेंट को लेकर एक कानूनी सुरक्षा मिलती है, जिससे उन पर सीधे आपराधिक जिम्मेदारी नहीं डाली जाती।
लेकिन सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर Grok के दुरुपयोग पर लगाम नहीं लगी, तो X यह कानूनी सुरक्षा खो सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो, इसके बाद प्लेटफॉर्म और उससे जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
इस पूरे विवाद में एलन मस्क की कंपनी का रवैया भी सवालों के घेरे में है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उनकी तस्वीरों का AI के जरिये बिना सहमति गलत इस्तेमाल हुआ, तो कंपनी की ओर से इसे “Legacy Media Lies” कहकर खारिज किया गया।
अब सवाल यह नहीं है कि एलन मस्क भारत सरकार की सख्ती के आगे झुकेंगे या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि क्या उनकी कंपनी X भारतीय कानूनों और डिजिटल गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करेगी, जो देश में काम करने वाले हर प्लेटफॉर्म के लिए अनिवार्य हैं।
फिलहाल, यह मामला हर इंटरनेट यूजर खासकर महिलाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी बन चुका है कि डिजिटल आजादी के नाम पर कानून और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता, और किसी भी प्लेटफॉर्म को भारत के नियमों के दायरे में रहकर ही काम करना होगा।
Updated on:
03 Jan 2026 10:26 am
Published on:
03 Jan 2026 10:25 am
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