
Should You Keep The Bathroom Door Open| image credit gemini
Should You Keep The Bathroom Door Open: अक्सर लोग बाथरूम यूज करने के बाद दरवाजा बंद कर देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे बदबू के साथ ही कीटाणु बाहर नहीं आएंगे और घर साफ-सुथरा रहेगा। ऐसे में अगर आप भी यही करते हैं, तो आपको जानकर हैरानी होगी कि आपकी यह आदत घर की हवा को साफ करने के बजाय खराब कर रही है।
हाल के रिसर्च से पता चला है कि दरवाजा बंद करने से बाथरूम सेहत के लिए काफी नुकसानदेह हो सकता है। आइए आज के इस लेख में जानते हैं कि यह क्यों होता है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।
नहाने या टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद अक्सर लोग बाथरूम का दरवाजा बंद रखते हैं। नहाने के बाद बनी भाप, गीले तौलिए और कचरे के कारण वहां की हवा में नमी बढ़ जाती है। ऐसे में दरवाजा बंद करने से अंदर की नमी बाहर नहीं निकल पाती है। रिसर्च बताती है कि बंद बाथरूम में खुली जगह के मुकाबले 20 से 30 प्रतिशत ज्यादा नमी होती है। यह नमी न सिर्फ हवा की क्वालिटी खराब करती है, बल्कि पास के कमरों में सोने और सांस लेने में भी दिक्कत पैदा कर सकती है।
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि दरवाजा बंद करके बाथरूम की गंदगी को बाहर जाने से रोक लेंगे, लेकिन असल में ऐसा नहीं होता। बाथरूम के दरवाजे के नीचे की खाली जगह और घर के बाकी वेंटिलेशन सिस्टम के जरिए हवा और पार्टिकल्स आसानी से पूरे घर में फैल जाते हैं। साथ ही, जब आप टॉयलेट फ्लश करते हैं, तो हवा में छोटे-छोटे ड्रॉपलेट्स और वायरस फैल जाते हैं, जिन्हें टॉयलेट प्लूम कहा जाता है। ये कीटाणु हवा में तैरते रहते हैं और दरवाजा बंद होने पर वहीं जमा होते रहते हैं, जो बाद में दरवाजा खोलने पर और तेजी से बाहर आते हैं।
बाथरूम के दरवाजों के हैंडल और टॉयलेट सीट पर कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं। लोग अक्सर बाथरूम से निकलने से पहले दरवाजा छूते हैं, जिससे हाथों के कीटाणु हैंडल पर लग जाते हैं। स्टडीज में यह भी पाया गया है कि दरवाजों के हैंडल पर टॉयलेट सीट से भी ज्यादा कीटाणु हो सकते हैं। जब बाथरूम बंद होता है, तो ये बैक्टीरिया एक छोटे से बंद दायरे में और तेजी से पनपते हैं।
इसलिए, घर की हवा को शुद्ध रखने का सबसे अच्छा तरीका वेंटिलेशन है। केवल दरवाजे बंद करके गंदगी को रोकने की कोशिश करने के बजाय अगर आपके बाथरूम में एक्जॉस्ट फैन है, तो उसे जरूर चलाएं।
अगर बाथरूम में हवा का आना-जाना सही नहीं है, तो वहां सीलन और फफूंद (mold) पैदा होने लगती है। यह फफूंद फेफड़ों में परेशानी, एलर्जी और सिरदर्द जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। खासकर उन घरों में जहां बाथरूम बेडरूम से जुड़े होते हैं।
Updated on:
23 Apr 2026 11:55 am
Published on:
23 Apr 2026 11:46 am
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