
What is a Washlet| image credit gemini
What is a Washlet: आज के समय में भी ज्यादातर लोग वेस्टर्न टॉयलेट की तुलना में इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें यह अधिक हाइजीनिक लगता है। वहीं, कुछ लोग अपनी सुविधा या मजबूरी के चलते वेस्टर्न टॉयलेट का उपयोग करते हैं, लेकिन टॉयलेट पेपर इस्तेमाल करना उन्हें पसंद नहीं आता। यही वजह है कि देश से बाहर जाने पर भी लोग अपने साथ जेट स्प्रे ले जाना पसंद करते हैं। ऐसे में अगर आप भी उन्हीं लोगों में शामिल हैं जिन्हें टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल करना पसंद नहीं है, तो हमारा आज का यह लेख आपके काम आ सकता है। आज के इस लेख में हम एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जो टॉयलेट पेपर से एक बेहतर विकल्प होने के साथ ही बजट फ्रेंडली भी है। आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
वॉशलेट एक इलेक्ट्रॉनिक बिडेट सीट है जिसे आप अपने साधारण टॉयलेट के ऊपर आसानी से लगा सकते हैं। यह पेपर की जगह गुनगुने पानी की बौछार से सफाई करती है। इस तकनीक को जापान में 1980 के दशक में शुरू किया गया था और आज वहां के 80% से ज्यादा घरों में यह मौजूद है। कोविड-19 के दौरान जब टॉयलेट पेपर मिलना मुश्किल हो गया था, तब से पूरी दुनिया में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है।
वॉशलेट में एक छोटी सी नोजल होती है जो पानी की फुहार छोड़ती है। आप पानी के टेंपरेचर और प्रेशर को अपने हिसाब से सेट कर सकते हैं। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि नोजल इस्तेमाल से पहले और बाद में खुद को साफ कर लेती है। इसमें सेंसर लगे होते हैं, जिससे यह तभी पानी छोड़ती है जब कोई सीट पर बैठा हो। एडवांस मॉडल्स में सीट गर्म करने (Heated seat), सुखाने के लिए हवा (Warm-air dryer) और बदबू दूर करने (Deodorizer) जैसे फीचर्स भी होते हैं।
पहले लोग सोचते थे कि यह बहुत महंगा है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। बेसिक बिडेट अटैचमेंट लगभग 40 डॉलर यानी लगभग 3,764.90 रुपये से शुरू हो जाते हैं। अगर आप ज्यादा फीचर्स जैसे रिमोट कंट्रोल या गर्म पानी वाला मॉडल लेना चाहते हैं, तो वे 600 डॉलर यानी लगभग 56,473.50 रुपये के अंदर मिल जाते हैं। इसे लगाना भी बहुत आसान है। इसमें किसी खास प्लंबिंग की जरूरत नहीं होती और यह 15 मिनट से कम समय में फिट हो जाता है।
टॉयलेट पेपर को फ्लश करने में काफी ज्यादा पानी बर्बाद होता है, वहीं इसे बनाने में भारी मात्रा में लकड़ी खर्च होती है। वहीं, वॉशलेट से सफाई करने में सिर्फ 500 मिलीलीटर पानी का इस्तेमाल होता है। रिसर्च के अनुसार, वॉशलेट का इस्तेमाल करने से बाथरूम हाइजीन का कार्बन फुटप्रिंट 75% तक कम हो सकता है। साथ ही, पाइप में पेपर जमा होने या जाम होने की समस्या भी खत्म हो जाती है, जिससे प्लंबिंग का खर्चा भी बचता है।

Published on:
23 Apr 2026 10:45 am
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