
Gut health improvement foods|फोटो सोर्स – Freepik
Gut Cleanse Foods: अगर आपका पेट अक्सर भारी महसूस होता है, बार-बार कब्ज़ परेशान करती है या डाइजेशन स्लो लगता है, तो डाइट में थोड़े से बदलाव से बड़ा फर्क आ सकता है। हाई-फाइबर फूड्स आंतों की सफाई करने, टॉक्सिन बाहर निकालने और गट हेल्थ को रीसेट करने में बेहद मददगार माने जाते हैं। ऐसे में रोजाना फाइबर-पैक्ड फूड्स शामिल करने से बाउल मूवमेंट स्मूद होता है और पेट पूरे दिन हल्का महसूस होता है। इसलिए अगर आप नेचुरल तरीके से डाइजेशन बेहतर बनाना चाहते हैं, तो ये 6 फाइबर रिच ऑप्शंस आपकी डेली डाइट में जरूर होने चाहिए।
पपीता पाचन का सुपरहीरो माना जाता है। इसमें मौजूद पपेन एंजाइम भोजन को जल्दी तोड़ने में मदद करता है और फाइबर आंतों को स्मूद रखता है। सुबह खाली पेट एक कटोरी पपीता खाने से पेट हल्का महसूस होता है।
अगर कब्ज की समस्या अक्सर रहती है, तो रात में 2–3 अंजीर भिगोकर सुबह खाना आदत बना लें। अंजीर का फाइबर आंतों की मुवमेंट बढ़ाता है, जिससे मल आसानी से बाहर निकल जाता है।
आयुर्वेद में त्रिफला को पाचन सुधारने और कब्ज दूर करने के लिए जाना जाता है। रोज रात को गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन बॉवल मूवमेंट को नियमित करता है और धीरे-धीरे पेट की सफाई में मदद करता है।
सुबह दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू और थोड़ा शहद मिलाकर करें। यह आंतों को एक्टिव करता है, टॉक्सिन्स फ्लश करता है और डाइजेशन को किक-स्टार्ट देता है।
ब्राउन राइस, ओट्स, जौ और क्विनोआ जैसे साबुत अनाज घुलनशील फाइबर से भरपूर होते हैं, जो बॉवल सिस्टम को हेल्दी बनाते हैं और कब्ज से राहत देते हैं।
पालक सिर्फ फाइबर का ही नहीं, बल्कि मैग्नीशियम और आयरन का भी बेहतरीन स्रोत है। ये पोषक तत्व पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं और कब्ज को नेचुरली कम करते हैं। इसे स्मूदी, सूप या सब्जी किसी भी रूप में शामिल किया जा सकता है।
किशमिश में मौजूद प्राकृतिक लैक्सेटिव गुण पेट साफ करने में काफी मददगार होते हैं। रात में एक मुट्ठी भिगोई हुई किशमिश सुबह खाली पेट खाने से आंतों की सफाई आसान हो जाती है।
सेब में पाए जाने वाला पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर पाचन को एक्टिव करता है और कब्ज को कम करता है। रोज एक सेब खाने से गट हेल्थ बेहतर रहती है।
दही के प्रोबायोटिक्स आपके गट में गुड बैक्टीरिया बढ़ाते हैं, जिससे पाचन सुधरता है और कब्ज से राहत मिलती है। इसे कढ़ी, रायता या सीधे भोजन के साथ खाया जा सकता है।
मूंग, मसूर, राजमा और चना जैसी दालें भारी मात्रा में फाइबर देती हैं। ये आंतों की गति को नियमित करती हैं और भोजन को आसानी से पचने में मदद करती हैं।
कब्ज को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से आगे चलकर गैस, एसिडिटी और अन्य पाचन समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए डाइट में फाइबर-रिच फूड्स शामिल करें, दिनभर पर्याप्त पानी पिएँ और थोड़ी सी नियमित एक्सरसाइज भी करें। इससे पाचन स्मूद रहेगा और पेट पूरे दिन हल्का महसूस होगा।
Published on:
23 Nov 2025 02:36 pm
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