Ice Bath Benefits: आइस बाथ आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है। हफ्ते में एक बार बर्फ वाले ठंडे पानी से नहाना शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। इससे सूजन कम हो सकती है, मांसपेशियों में दर्द से राहत मिलती है और मानसिक तनाव भी कम हो सकता है। जानिए इसके और भी फायदे।
Ice Bath Benefits: आजकल फिटनेस और हेल्थ को लेकर लोग पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं। अगर आप भी अपनी सेहत को लेकर थोड़ा एक्सपेरिमेंट करने का सोच रहे हैं तो 'आइस बाथ (Ice Bath)' एक नया और असरदार तरीका हो सकता है। हफ्ते में सिर्फ एक बार बर्फ वाले पानी से नहाना कई फायदे दे सकता है। ये तरीका प्रोफेशनल एथलीट्स और सेलेब्स में भी खूब पॉपुलर हो रहा है। आइये जानते हैं आइस बाथ क्या होता है और इसे लेने से शरीर को कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं।
आइस बाथ (Ice Bath) यानी बर्फ वाले ठंडे पानी में कुछ समय के लिए बैठना या नहाना। इसमें बाथटब या बाल्टी में ठंडा पानी भरा जाता है और उसमें बर्फ के टुकड़े डाल दिए जाते हैं। फिर व्यक्ति कुछ मिनट तक उसमें बैठता है या उससे नहाता है। इस दौरान शरीर का तापमान तेजी से नॉर्मल हो जाता है। आमतौर पर इसे 5 से 15 मिनट तक किया जाता है और हफ्ते में एक या दो बार करना काफी माना जाता है।
अगर आप वर्कआउट करते हैं या दिनभर काम की थकान महसूस करते हैं तो आइस बाथ (Ice Bath) आपके लिए राहत दे सकता है। ठंडा पानी शरीर में सूजन और जलन को कम करता है। जिससे मांसपेशियों की रिकवरी तेजी से होती है। यही वजह है कि जिम करने वाले और स्पोर्ट्स पर्सन इसे अपनी रूटीन में शामिल करते हैं।
बर्फ वाले पानी में शरीर को डुबोने से दिमाग को एक तरह झटका लगता है, जिससे हमारी नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाती है। इससे मूड बेहतर होता है और तनाव कम महसूस होता है। कुछ स्टडीज में यह भी पाया गया है कि आइस बाथ लेने से डिप्रेशन और एंजायटी के लक्षणों में भी राहत मिल सकती है।
आइस बाथ से शरीर के ब्लड फ्लो में सुधार होता है। जब शरीर ठंडा होता है तो ब्लड वेसेल्स सिकुड़ जाती हैं और बाहर निकलने के बाद ये फिर फैलती हैं। इस प्रक्रिया से खून का प्रवाह बेहतर होता है और अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद मिलती है। इससे दिल की सेहत पर भी पॉजिटिव असर पड़ता है।
कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आइस बाथ लेने से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता यानी इम्यूनिटी में भी सुधार हो सकता है। ठंडे पानी का झटका शरीर को अलर्ट करता है और अंदरूनी सिस्टम को एक्टिव बनाता है। इससे वायरल संक्रमण से लड़ने की ताकत भी बढ़ सकती है।