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टाइम मैगजीन के कवर से लेकर गुमनाम मौत तक! पढ़िए उस सुपरस्टार की कहानी जो भीड़ में भी अकेली रह गई

Parveen Babi Life Story in Hindi: आज के इस लेख में आइए जानते हैं फेमस बॉलीवुड एक्ट्रेस परवीन बॉबी के लाइफ से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें।

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Parveen Babi

Parveen Babi: image credit gemini

Parveen Babi Life Story in Hindi: 70 और 80 के दशक में परवीन बॉबी एक ऐसी एक्ट्रेस थीं जिनकी एक झलक पाने के लिए लोग दीवाने रहते थे। वह पहली भारतीय अभिनेत्री थीं जो मशहूर टाइम मैग्जीन के कवर पर छपीं। लेकिन किस्मत का खेल देखिए, जिस स्टार के पीछे दुनिया भागती थी, उनकी मौत का पता दुनिया को तब चला जब उनके घर के बाहर 3 दिन पुराने अखबार और दूध के पैकेट पड़े मिले। यह कहानी सिर्फ एक हीरोइन की नहीं, बल्कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे छिपे उस अकेलेपन की है जो इंसान को अंदर ही अंदर खा जाता है। आज के इस लेख में आइए जानते हैं फेमस बॉलीवुड एक्ट्रेस परवीन बॉबी के लाइफ से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें।

परवीन बॉबी का बचपन

परवीन बॉबी का जन्म 4 अप्रैल 1949 को गुजरात के जूनागढ़ में हुआ था। उनका पूरा नाम परवीन वली मोहम्मद अली खान बॉबी था। माता-पिता की शादी के 14 साल बाद परवीन का जन्म हुआ था, लेकिन अफसोस कि जब वह महज 10 साल की थीं, तभी उनके पिता का देहांत हो गया।

शानदार फिल्मी करियर

परवीन ने 1972 में मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की और 1973 की फिल्म चरित्र से पहली बार सिल्वर स्क्रीन पर कदम रखा। 1974 में आई फिल्म मजबूर उनके करियर की पहली हिट फिल्म साबित हुई, जिसमें उनके साथ अमिताभ बच्चन थे। इसक अलावा 1970 से 1980 के बीच परवीन ने दीवार, नमक हलाल, अमर अकबर एंथनी और शान जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के साथ ही शशि कपूर से लेकर धर्मेंद्र तक, उस दौर के तमाम टॉप एक्टर्स के साथ उन्होंने काम किया। इसके चलते बॉबी 1976 से 1980 के बीच वह रीना रॉय के बाद दूसरी सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस थीं।

बीमारी और गुमनाम मौत

सफलता के शिखर पर होने के बावजूद, 1983 में परवीन अपना फिल्मी करियर और भारत छोड़कर अचानक अमेरिका चली गईं। वह कम उम्र में ही डायबिटीज की शिकार हो चुकी थीं। इसके बाद 22 जनवरी 2005 को मुंबई के जुहू इलाके में रिवेरा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 702 के दरवाजे के पास 3 दिन के अखबार और दूध के तीन पैकेट वैसे ही पड़े थे। पड़ोसियों को शक हुआ क्योंकि आमतौर पर परवीन अपना सामान उठा लेती थीं। जब काफी देर तक घंटी बजाने पर भी दरवाजा नहीं खुला, तो पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर परवीन बॉबी अपने बिस्तर पर बेजान पड़ी थीं और उनकी मौत करीब 3 दिन पहले ही हो चुकी थी।