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‘जो पत्थर लोग फेंकते हैं, उनसे …’, Ratan Tata की मौत के बाद भी जिंदा हैं उनके ये 20 प्रेरणादायक विचार!

Ratan Tata death anniversary: भारत के महान उद्योगपति रतन टाटा की पुण्यतिथि पर पढ़ें उनके प्रेरक विचार, जीवन की सीख और सफलता के मूल मंत्र जो आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं।

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भारत

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Dimple Yadav

Oct 09, 2025

Ratan Tata death anniversary

Ratan Tata death anniversary (photo- patrika)

Ratan Tata death anniversary: भारत के महान उद्योगपति और समाजसेवी रतन टाटा का नाम सुनते ही लोगों के दिलों में सम्मान भर जाता है। 9 अक्टूबर 2024 को 86 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। लेकिन उनकी सोच, उनके काम और उनके शब्द आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं।

28 दिसंबर 1937 को जन्मे रतन टाटा, नवल टाटा और सूनी कमिश्रिएट के बेटे थे। उनका पालन-पोषण उनकी दादी लेडी नवजबाई टाटा ने किया था। टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन के रूप में उन्होंने न सिर्फ कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि हमेशा इंसानियत और मूल्यों को प्राथमिकता दी। उनकी कही बातें आज भी लोगों को जिंदगी में आगे बढ़ने की ताकत देती हैं। चलिए, याद करते हैं रतन टाटा जी के कुछ ऐसे प्रेरणादायक विचार जो हमेशा हमें राह दिखाते रहेंगे।

रतन टाटा के प्रेरणादायक विचार (Ratan Tata Inspirational Quotes in Hindi)

“सबसे बड़ी नाकामी वही है जब हम कोशिश ही नहीं करते।”

“किस्मत पर नहीं, मेहनत और तैयारी पर भरोसा रखो।”

“अपनी जड़ों को कभी मत भूलो, और इस बात पर गर्व करो कि तुम कहां से आए हो।”

“सिर्फ आइडिया होना काफी नहीं है, उन्हें हकीकत में बदलो।”

“अपनी ईमानदारी और मूल्यों से कभी समझौता मत करो, चाहे रास्ता मुश्किल ही क्यों न हो।”

“किसी विचार की कीमत तभी होती है जब उसे अमल में लाया जाए।”

“लीडरशिप का मतलब हुकूमत करना नहीं, बल्कि अपनी टीम का ख्याल रखना है।”

“कभी-कभी जीतने के लिए एक लड़ाई बार-बार लड़नी पड़ती है।”

“मैं सही फैसले लेने में नहीं, लिए हुए फैसलों को सही साबित करने में यकीन रखता हूं।”

“काम और जिंदगी को अलग मत करो, दोनों को मिलाकर चलो – तभी सच्ची खुशी मिलेगी।”

“लोहा किसी और से नहीं, अपनी जंग से खत्म होता है। इंसान भी अपनी सोच से हारता या जीतता है।”

“जो पत्थर लोग तुम्हारी तरफ फेंकते हैं, उनसे अपनी सफलता की इमारत बनाओ।”

“जिंदगी में ऊंच-नीच जरूरी है, क्योंकि सीधी रेखा तो ECG में भी मौत की निशानी होती है।”

“मुझे नहीं पता भविष्य क्या लाएगा, लेकिन मैं हमेशा अच्छा होने की उम्मीद रखता हूं।”

“अगर तेज चलना है तो अकेले चलो, लेकिन अगर दूर तक जाना है तो सबके साथ चलो।”

“जो हार से डर गया, वो जीत नहीं सकता।”

“जब सपना सच्चे दिल से देखते हो और जुनून से मेहनत करते हो, तो सफलता खुद चलकर आती है।”

“सच्चा नेता वो है जिसके अंदर दया और सहानुभूति हो।”

“इस तेजी से बदलती दुनिया में सबसे बड़ा रिस्क है – कोई रिस्क न लेना।”

“हम सब भगवान की संतान हैं, हमें यहां रहने का पूरा हक है।”

रतन टाटा के जीवन से सीखें ये बातें

विनम्रता सबसे बड़ी ताकत है – उन्होंने कभी अहंकार नहीं दिखाया, चाहे कितनी भी सफलता क्यों न मिली हो।

लोगों के लिए जीना ही असली सफलता है – उनका मानना था कि “सफलता उस कुर्सी से नहीं मापी जाती जिस पर तुम बैठे हो, बल्कि उस प्रभाव से जो तुम दूसरों के जीवन पर डालते हो।”

मेहनत और सच्चाई का कोई विकल्प नहीं – रतन टाटा हमेशा कहते थे कि “सफलता का रास्ता लंबा जरूर होता है, लेकिन ईमानदारी से चलो तो मंजिल जरूर मिलती है।”

कुछ और यादगार बातें रतन टाटा जी की

“हार मत मानो, क्योंकि जिस चीज के बिना एक दिन भी रह नहीं सकते, वही तुम्हारा असली सपना है।”

“दुनिया बदलनी है तो खुद से शुरुआत करो।”

“हर मुश्किल एक नया मौका लेकर आती है।”

“विजय में विनम्र रहो, और हार में भी गरिमा बनाए रखो।”

“जो लोग सीखना छोड़ देते हैं, वो बढ़ना भी छोड़ देते हैं।”

“भविष्य का अंदाजा लगाने का सबसे अच्छा तरीका है। खुद उसे बनाना।”