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Gulal Gota Kya Hota Hai: न पानी की बर्बादी, न केमिकल का डर, इस बार ट्राई करें जयपुर का यह स्पेशल गुलाल

Gulal Gota Kya Hota Hai: जयपुर के मनिहारों की गली में तैयार होने वाला 'गुलाल गोटा' दुनिया भर में मशहूर है। जानिए 7 पीढ़ियों से चली आ रही इस अनोखी परंपरा और मुस्लिम कारीगरों के हुनर की कहानी।

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भारत

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Charvi Jain

Feb 24, 2026

Jaipur Gulal Gota tradition (source: gemini)

Gulal Gota Kya Hota Hai: होली का त्योहार लगभग आ ही गया है। यह त्योहार हर साल धूमधाम से मनाया जाता है। जयपुर की स्थापना के साथ ही यहां की गलियों में हुनर की खुशबू बस गई थी। इन्हीं गलियों में से एक है मनिहारों का रास्ता, जहां पिछले 300 वर्षों से एक अनोखी परंपरा चल रही है। यहां के मनिहार परिवार पीढ़ियों से गुलाल गोटा बना रहे हैं। यह केवल एक रंगीन गेंद नहीं, बल्कि जयपुर के राजा-महाराजाओं के दौर की वह शाही निशानी है, जो आज भी होली के त्योहार को खास बनाती है।

क्या है गुलाल गोटा?

जयपुर के राजा सवाई जय सिंह ने आर्टिस्ट्स के लिए अलग-अलग कॉलोनियां बसाई थीं। मनिहारों की गली उन्हीं में से एक है, जो काफी पुरानी है। तब से लेकर आज तक, यहां का मनिहार परिवार लाख की चूड़ियों के साथ-साथ ये खास गुलाल गोटे बना रहा है। खास बात यह है कि इसे जयपुर के मुस्लिम परिवार अपनी 7 पीढ़ियों से यह बनाते हैं। यह लाख से बनी एक बेहद पतली और हल्की गेंद होती है, जिसके अंदर खुशबूदार अलग अलग रंगों का गुलाल भरा जाता है। इसका वजन 20 ग्राम के आसपास होता है। जब इसे किसी पर फेंका जाता है, तो यह टकराते ही टूट जाती है और सामने वाला व्यक्ति रंगों में हो जाता है और उसे चोट भी नहीं लगती।

कैसे बनता है यह मैजिकल गोला?

कारीगर सबसे पहले लाख को आग पर तब तक गरम करते हैं जब तक वह एकदम पिघलकर मुलायम न हो जाए। फिर एक पतली सी फूंकनी पर पिघली हुई लाख का छोटा सा हिस्सा लिया जाता है और कारीगर अपने मुंह से उसमें फूंक भरते हैं। धीरे-धीरे वह लाख एक गुब्बारे की तरह फूलकर कांच जैसी पतली और पारदर्शी गेंद बन जाती है। इसके बाद इसे थोड़ी देर के लिए पानी में रखा जाता है क्योंकि यह इतनी नाजुक होती है कि अगर आप इसे जोर से पकड़ें तो यह तुरंत टूट सकता है। इसके बाद, इनमें खुशबू वाला हर्बल गुलाल भरा जाता है और फिर पेस्ट से उसका मुंह सील कर दिया जाता है।

सिर्फ भारत नहीं विदेश में भी डिमांड

जयपुर का यह गुलाल गोटा सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं है। आजकल इसकी डिमांड मथुरा-वृंदावन से लेकर ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और इंग्लैंड तक है। लोग केमिकल वाले रंगों से बचना चाहते हैं, इसलिए ये इको-फ्रेंडली और सेफ गुलाल गोटे बेस्ट ऑप्शन बन गए हैं।

कीमत और पैकिंग

अगर आप भी इस बार शाही होली का अनुभव लेना चाहते हैं, तो इसकी कीमत भी जान लीजिए। बाजार में गुलाल गोटा का एक बॉक्स 300 रुपए में मिलता है। इस एक बॉक्स के अंदर कुल 6 गोले होते हैं, जो अलग-अलग रंगों से भरे होते हैं। इसे पूरी तरह से हाथों से तैयार किया जाता है और इसमें लाख का इस्तेमाल होता है, इसलिए इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा है।