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Chalk Kaise Banti Hai: ब्लैकबोर्ड पर लिखने में इस्तेमाल होने वाली चॉक कैसे बनती है, जानिए इसकी पूरी प्रक्रिया

Chalk Making Process: ब्लैकबोर्ड पर लिखने के साथ ही आर्ट एंड क्राफ्ट में इस्तेमाल होने वाली चॉक कैसे बनाई जाती है। आइए जानते हैं इसे बनाने की पूरी प्रक्रिया।
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How Chalk Is Made, Chalk Manufacturing Process

Chalk Making Process: image credit youtube/youtube/@bharatdarshanytofficial and chatgpt

Chalk Manufacturing Process: स्कूलों में ब्लैकबोर्ड पर लिखने के लिए इस्तेमाल होने वाली चॉक सिर्फ पढ़ाई तक ही सीमित नहीं है। कई लोग इसका इस्तेमाल रंगोली बनाने, दीवारों पर डिजाइन बनाने और बच्चों की ड्राइंग व पेंटिंग एक्टिविटी में भी करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाली यह साधारण सी चॉक आखिर फैक्ट्री में कैसे बनाई जाती है। आइए जानते हैं कि चॉक से रंगोली कैसे बना सकते हैं, साथ ही इसे बनाने की पूरी प्रक्रिया भी समझते हैं।

चॉक से रंगोली बनाने के लिए हैक

अगर आपके पास रंगीन या सफेद चॉक है और आप इससे रंगोली बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले चॉक को 10 से 15 मिनट तक पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद इसे निकालकर किसी पत्थर या मिक्सर की मदद से बारीक पीस लें। तैयार पाउडर से आप फर्श पर आसानी से रंगोली बना सकते हैं। पानी में भिगोने के बाद चॉक का रंग पहले से ज्यादा गहरा दिखाई देता है।

फैक्ट्री में कैसे बनाई जाती है चॉक

चॉक बनाने के लिए तैयार किया जाता है सांचा

चॉक बनाने के लिए सबसे पहले बड़े लोहे के सांचे को अच्छी तरह साफ किया जाता है। इसके बाद ब्रश की मदद से पूरे सांचे पर हल्की परत में तेल लगाया जाता है। इससे तैयार चॉक सांचे से आसानी से बाहर निकल जाती है।

पीओपी और पानी से तैयार किया जाता है घोल

सांचा तैयार करने के बाद एक बड़े ड्रम में पानी डाला जाता है। इसके बाद उसमें प्लास्टर ऑफ पेरिस यानी पीओपी मिलाया जाता है। इस मिश्रण को लकड़ी की मदद से अच्छी तरह घोला जाता है, ताकि उसमें कोई गांठ न रहे और घोल पूरी तरह चिकना हो जाए।

सांचे में भरा जाता है घोल

जब घोल तैयार हो जाता है, तो उसे सांचे के ऊपर डाला जाता है। यह घोल अपने आप सांचे के छोटे-छोटे छेदों में भरने लगता है। इसके बाद लोहे की पट्टी से इसे पूरे सांचे में बराबर फैलाया जाता है, ताकि सभी सांचे पूरी तरह भर जाएं। इसके बाद अतिरिक्त घोल हटा दिया जाता है।

सांचे में जमने लगता है घोल

पीओपी का घोल बहुत जल्दी सख्त होने लगता है। इसलिए पूरी प्रक्रिया तेजी से की जाती है। जब घोल जमने लगता है, तो सांचे के नीचे ट्रे लगाकर तैयार चॉक को सावधानी से बाहर निकाला जाता है। इस समय चॉक का आकार पूरी तरह बन चुका होता है, लेकिन उसमें अभी नमी रहती है। इसलिए सांचे से निकालने के बाद चॉक को ट्रे में रखकर कई घंटों तक धूप में सुखाया जाता है। अच्छी तरह सूखने के बाद ही चॉक मजबूत बनती है और टूटने का खतरा कम हो जाता है।

आखिर में होती है पैकिंग

जब चॉक पूरी तरह सूख जाती है, तो उसे गिनकर डिब्बों में पैक किया जाता है। इसके बाद इन्हें बाजार में बेचने के लिए भेज दिया जाता है।

चॉक से बना सकते हैं ये भी चीजें

चॉक का इस्तेमाल सिर्फ ब्लैकबोर्ड पर लिखने के लिए ही नहीं बल्कि चॉक को पीसकर उसमें थोड़ा पानी मिलाकर खूबसूरत पेंटिंग बनाई जा सकती है। इसके अलावा अलग-अलग रंगों की चॉक से सड़क, आंगन या फर्श पर 3डी ड्राइंग भी बनाई जा सकती है। इसके साथ ही चॉक को अलग-अलग आकार में काटकर स्टैंप की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा चॉक पाउडर का इस्तेमाल आप फोटो फ्रेम, ग्रीटिंग कार्ड और दूसरे हैंडमेड क्राफ्ट आइटम को सजाने में भी कर सकते है।