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Highest Monasteries In India: घूमने के लिहाज से भी खूबसूरत हैं सबसे ऊंचाई पर बने ये चार मठ

High Altitude Monasteries In India: अगर आप शहर की भीड़ भाड़ से दूर किसी सुकून भरी जगह पर जाना चाहते हैं, तो यहां बताए गए 4 मठों में से किसी एक जगह का ट्रिप प्लान कर सकते हैं।
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High Altitude Monasteries, Monastery

भारत के 4 High Altitude Monasteries (representative image) image credit chatgpt

Buddhist Monasteries In India: सुकून की तलाश में ज्यादातर लोग शहर की भीड़ भाड़ से दूर पहाड़ों पर जाने का प्लान बनाते हैं। लेकिन ट्रैफिक और भीड़ के चलते घंटों सफर करने के बाद मूड पहले से भी ज्यादा खराब हो जाता है। ऐसे में अगर आप किसी खूबसूरत और शांत जगह पर जाने का सोच रहे हैं, तो हिमालय से लेकर तिब्बत तक बने इन 4 मठों का ट्रिप प्लान कर सकते हैं। समुद्र तल से हजारों मीटर की ऊंचाई पर बने इन मठों में पहुंचने के बाद आपको आध्यात्मिक शांति के साथ प्रकृति के खूबसूरत नजारों का आनंद भी मिलेगा। आइए जानते हैं ऐसे 4 प्रसिद्ध मठों के बारे में।

थिकसे मठ, लद्दाख

लद्दाख की राजधानी लेह से लगभग 19 किलोमीटर पूर्व में सिंधु घाटी की एक पहाड़ी की चोटी पर करीब 3600 मीटर की ऊंचाई पर थिकसे मठ स्थित है। यह अपनी वास्तुकला के साथ ही भव्यता और आध्यात्मिक शांति के लिए प्रसिद्ध है। 12 मंजिला यह मठ तिब्बत के प्रसिद्ध पोटाला पैलेस की तरह दिखाई देता है। यहां मंदिर, प्रार्थना कक्ष, पुस्तकालय और लगभग 15 मीटर ऊंची बुद्ध की भव्य प्रतिमा मौजूद है। यह तिब्बती बौद्ध धर्म के गेलुग यानी पीली टोपी संप्रदाय का प्रमुख मठ है।

हेमिस मठ, लद्दाख

थिकसे मठ की तरह ही लद्दाख के लेह जिले में करीब 3700 मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ों के बीच हेमिस मठ स्थित है। यह लेह शहर से दक्षिण पूर्व में लगभग 45 किलोमीटर दूर सिंधु नदी के पश्चिमी तट पर एक पहाड़ी घाटी में बना है। यह हर साल होने वाले हेमिस उत्सव के लिए खास तौर पर प्रसिद्ध है। इस दौरान बौद्ध भिक्षु रंग बिरंगे मुखौटे पहनकर पारंपरिक नृत्य करते हैं। मठ में दुर्लभ बौद्ध ग्रंथ, थंका चित्र और कई प्राचीन धरोहर भी सुरक्षित रखी गई हैं।

की मठ, स्पीति घाटी

की मठ को गोम्पा या काई मठ के नाम से भी जाना जाता है। यह समुद्र तल से 4166 मीटर की ऊंचाई पर हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले की स्पीति घाटी में स्थित है। एक हजार साल से भी ज्यादा पुराने इस मठ की बनावट किसी किले जैसी नजर आती है। यह मठ गेलुगपा यानी येलो हैट संप्रदाय से जुड़ा है। यहां लामा बौद्ध धर्म, दर्शन और ध्यान की शिक्षा प्राप्त करते हैं।

तवांग मठ, अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश के तवांग शहर में स्थित तवांग मठ भारत का सबसे बड़ा और ल्हासा के पोटाला महल के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध मठ माना जाता है।। 17वीं सदी में बने इस मठ में रंग बिरंगे प्रार्थना कक्ष, विशाल बुद्ध प्रतिमा और पहाड़ों के बीच बसा शांत वातावरण के लिए फेसम है। सर्दियों में बर्फबारी के बाद इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है।