
Everyday habits harming teeth|फोटो सोर्स – Freepik
Ways To Keep Teeth Healthy: आजकल डेंटल क्लिनिक जाना सिर्फ कैविटी या दांत दर्द तक सीमित नहीं रह गया है। पहले जो समस्याएं उम्र बढ़ने के साथ दिखाई देती थीं जैसे दांतों में झनझनाहट, इनेमल का घिसना या दांतों का कमजोर होना अब वे कम उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह हमारी रोजमर्रा की कुछ आम आदतें हैं, जिन्हें हम अक्सर नुकसानदेह मानते ही नहीं।हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में करीब 27% डेंटल मरीजों में इनेमल इरोशन के लक्षण पहले से ही देखे जा रहे हैं, और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
अक्सर लोग मानते हैं कि जितना ज़ोर से ब्रश करेंगे, दांत उतने साफ होंगे। लेकिन सच्चाई इसके उलट है। हार्ड ब्रिसल वाले ब्रश से तेजी से ब्रश करने पर एनामेल घिसने लगता है। शुरुआत में यह दिखता नहीं, लेकिन समय के साथ दांत सेंसिटिव और कमजोर हो जाते हैं। हमेशा सॉफ्ट-ब्रिसल ब्रश का इस्तेमाल करें और हल्के हाथ से ब्रश करें।
कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स, खट्टे जूस, चाय-कॉफी और मीठी चीज़ें आज की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुकी हैं। इनमें मौजूद एसिड और शुगर दांतों के एनामेल को धीरे-धीरे घोल देते हैं। बेहतर है कि ऐसी चीज़ें लेने के बाद पानी से कुल्ला करें या स्ट्रॉ का इस्तेमाल करें, ताकि एसिड का सीधा असर दांतों पर न पड़े।
सलाइवा यानी लार दांतों की नेचुरल सुरक्षा होती है। यह एसिड को न्यूट्रल करती है और एनामेल को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है। लेकिन कम पानी पीना, ज्यादा कॉफी या अल्कोहल लेना सलाइवा को कम कर देता है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना दांतों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है।
नींबू, बेकिंग सोडा या चारकोल जैसे घरेलू नुस्खे सोशल मीडिया पर भले ही ट्रेंड में हों, लेकिन ये दांतों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। ये चीज़ें एनामेल को तेजी से नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे दांत और ज्यादा पीले और सेंसिटिव हो जाते हैं। सुरक्षित विकल्प है डेंटिस्ट-रिकमेंडेड व्हाइटनिंग या फ्लोराइड-आधारित टूथपेस्ट।
हर टूथपेस्ट सिर्फ सफाई के लिए नहीं बना होता। कई सामान्य टूथपेस्ट एनामेल प्रोटेक्शन पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में एनामेल-प्रोटेक्शन या रिमिनरलाइजिंग टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना समझदारी है, जो दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
Published on:
26 Jan 2026 10:26 am
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