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Kuldeep Yadav Vanshika Singh Marriage: जानें कुलदीप ने पत्नी की मांग में क्यों भरा पीला सिंदूर?

Kuldeep Yadav Vanshika Singh Marriage: आज के लेख में आइए जानते हैं कि कुलदीप यादव ने अपनी पत्नी की मांग में पीला सिंदूर क्यों भरा है और इसके पीछे की मान्यता क्या है।

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Kuldeep Yadav Vanshika Singh Marriage

Kuldeep Yadav Vanshika Singh Marriage| image credit instagram/kuldeep_18

Kuldeep Yadav Vanshika Singh Marriage: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव ने अपनी जिंदगी की एक बेहद खास और नई पारी की शुरुआत कर दी है। बीते शनिवार, यानी 14 मार्च 2026 को कुलदीप ने अपनी मंगेतर वंशिका सिंह के साथ मसूरी की सुंदर वादियों के बीच सात फेरे लेने के बाद अपनी शादी की खूबसूरत तस्वीरें रविवार, 15 मार्च को इंस्टाग्राम पर शेयर कीं। इन तस्वीरों को देखते ही देखते फैंस ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है और लगातार कमेंट कर इस नए जोड़े को सुनहरे भविष्य की बधाई दे रहे हैं। इस शानदार शादी की तस्वीरों में जिस चीज ने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा, वह थी कुलदीप की दुल्हन की मांग में सजा पीला सिंदूर। ऐसे में आइए जानते हैं कि कुलदीप यादव ने अपनी पत्नी की मांग में पीला सिंदूर क्यों भरा है और इसके पीछे की मान्यता क्या है।

पीले सिंदूर के पीछे छिपी है एक अनोखी परंपरा


हिंदू धर्म में शादी की रस्म तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक दूल्हा अपनी दुल्हन की मांग न भर दे। उत्तर प्रदेश और बिहार में पीले या केसरी रंग का सिंदूर, जिसे भखरा सिंदूर या नारंगी सिंदूर भी कहा जाता है, इसका बहुत गहरा धार्मिक महत्व है। मान्यताओं के अनुसार, पीला रंग सीधे तौर पर भगवान विष्णु और बृहस्पति ग्रह से जुड़ा है, जिन्हें सुख-समृद्धि और एक सफल वैवाहिक जीवन का आधार माना जाता है। इस परंपरा के पीछे एक बेहद खूबसूरत और गहरा अर्थ भी छिपा है। दरअसल, पीले सिंदूर की तुलना सुबह के उस उगते हुए सूरज की लाली और पीलेपन से की जाती है जो दुनिया से अंधेरा मिटाकर नई ऊर्जा भर देता है। माना जाता है कि जिस तरह सूरज की किरणें हर दिन एक नई शुरुआत करती हैं, उसी तरह यह सिंदूर दुल्हन की जिंदगी में एक नया सवेरा और ढेर सारी खुशियां लेकर आता है। पौराणिक कथाओं में भी इसका सुंदर जिक्र मिलता है, जहां हनुमान जी ने भगवान श्री राम को प्रसन्न करने के लिए अपने पूरे शरीर को नारंगी सिंदूर से रंग लिया था, जो अटूट भक्ति और समर्पण को दर्शाता है।

ज्योतिष और धार्मिक महत्व का संगम


ज्योतिष शास्त्र की नजर से देखें तो पीला रंग जीवन से नकारात्मक शक्तियों और बुरी नजर को दूर रखने में मदद करता है। किसी भी शुभ या मांगलिक काम में पीले रंग का इस्तेमाल करना बहुत ही शुभ फल देने वाला माना गया है। चूंकि भगवान विष्णु को पीला रंग सबसे ज्यादा प्रिय है, इसलिए शादी जैसे बड़े मौके पर इस रंग के सिंदूर का उपयोग करने से वर-वधू पर ईश्वर की कृपा बनी रहती है। माना जाता है कि इससे उनके वैवाहिक रिश्ते में हमेशा मिठास बनी रहती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

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