
Yoga Benefits : भागदौड़ भरी जिंदगी में आपको स्वस्थ रखेंगे ये सात योगासन (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)
Yoga For Fitness: सुबह की जल्दी, ऑफिस का दबाव और मोबाइल-लैपटॉप के बीच सिमटती दिनचर्या ने लोगों के पास अपने लिए समय समय निकालना मुश्किल हो गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन और योग विशेषज्ञ मानते हैं कि नियमित शारीरिक गतिविधि कई बीमारियों का खतरा कम करती है। अच्छी बात यह है कि स्वस्थ रहने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाने की जरूरत नहीं। सिर्फ 10-15 मिनट के ये सात योगाभ्यास शरीर और मन दोनों को चुस्त-दुरुस्त रखने में मदद कर सकते हैं।
यह आसन खड़े होकर दोनों हाथों को ऊपर की ओर खींचते हुए पंजों के बल आकर किया जाता है। यह पूरे शरीर की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी को बेहतरीन स्ट्रेचिंग देता है। यह शरीर का आलस्य दूर करने, रक्त प्रवाह सुधारने और बॉडी पोस्चर को ठीक करने में आपकी मदद कर सकता है।
कंप्यूटर के सामने लगातार बैठने वालों के लिए यह रीढ़ की हड्डी का 'उपयोगी आसन' हो सकता है। घुटनों और हाथों के बल बिल्ली की मुद्रा में आकर सांस लेते हुए पीठ को नीचे और सांस छोड़ते हुए ऊपर की ओर मोड़ते हैं। यह आसान पीठ, कमर और गर्दन की जकड़न में राहत देने में मदद कर सकता है।
सीधे खड़े होकर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकना और हाथों से पैरों को छूना पादहस्तासन कहलाता है। यह आसन पेट की चर्बी कम करने और पाचन को सुधारने के साथ-साथ मस्तिष्क की ओर रक्त के प्रवाह को तेज कर सकता है, जिससे काम के बीच में होने वाली मानसिक थकान में राहत मिल सकती है ।
पेट के बल लेटकर हथेलियों के सहारे शरीर के अग्रभाग (सीने) को ऊपर उठाना भुजंगासन है। यह डेस्क जॉब करने वालों के कंधों और छाती को खोलता है। फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने और रीढ़ को लचीला बनाने के लिए अच्छा माना जाता है। समय की कमी में यह पूरे कोर को टोन कर सकता है।
कुर्सी पर या जमीन पर बैठकर रीढ़ को एक तरफ घुमाना (ट्विस्ट करना) वक्रासन है। यह रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बनाए रखता है और पेट के आंतरिक अंगों जैसे लिवर और पैनक्रियाज को सक्रिय करता है। यह कम समय में मंदाग्नि को दूर करने और शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
दाहिनी नासिका को बंद कर बाईं से सांस लेना और दाईं से छोडऩा, फिर दाईं से लेकर बाईं से छोडऩा अनुलोम-विलोम है। यह प्राणायाम आपके नर्वस सिस्टम को शांत करने में मदद कर सकता है। इसके नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव, एंग्जायटी और हाई ब्लड प्रेशर कम करने और मन को शांत करने में मदद मिल सकती है।
आंखें और कान बंद करके नाक से गहरी सांस लेकर 'ú' या भौंरे की तरह गुंजन करना भ्रामरी है। इस गुंजन से मस्तिष्क की कोशिकाओं में कंपन होता है, जो गहरी शांति देता है। काम के अत्यधिक तनाव या अनिद्रा की स्थिति में मानसिक शांति और रिलैक्सेशन महसूस कराने में मदद कर सकता है।
Updated on:
22 Jun 2026 03:34 pm
Published on:
21 Jun 2026 12:32 pm
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