
स्कूल में किसी का कुछ चोरी होने पर उसे ही परेशान किया जाता था। तीन सालों तक वह घुट-घुटकर यह सब बर्दाश्त करती रही
लखनऊ. मैनपुरी के जवाहर नवोदय विद्यालय में 16 वर्ष की एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया। करीब 1095 दिन (तीन वर्ष) पहले उस पर बिना पूछे किसी छात्रा की दालमोठ खाने का आरोप लगा था। सजा के तौर स्कूल की सभी 48 छात्राओं ने एक-एक थप्पड़ जड़कर उसे सामूहिक सजा दी थी। उसकी सजा यहीं खत्म नहीं हुई। तबसे लेकर कोई भी दिन ऐसा नहीं गुजरा, जब अनुष्का को चोरनी कहकर अपमानित न किया गया हो। छात्राएं ही नहीं टीचर्स भी उस पर कमेंट करते थे। इतना ही नहीं स्कूल में किसी का कुछ चोरी होने पर उसे ही परेशान किया जाता था। तीन सालों तक वह घुट-घुटकर यह सब बर्दाश्त करती रही। लेकिन कब तक? आखिरकार, वह जिंदगी की जंग हार गई। सोमवार सुबह संदिग्ध परिस्थिति में छात्रा का शव हॉस्टल में मिला। मृतक छात्रा की कमर, पीठ व नाक पर चोटों के निशान मिले हैं। और तो और छात्रा की मौत के बाद स्कूल की प्रधानाचार्य दार्शनिक बन गईं। कहा कि दुनिया में कौन अमर है। जो आया वह जाएगा ही। एक दिन मरना तो सभी को है। परिजनों की तहरीर पर प्रधानाचार्य और अन्य आरोपितों के खिलाफ आइपीसी की धारा 302, 376, 511 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मृतक छात्रा के बक्शे से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। जिसे पढ़कर आपकी भी आंखें डबडबा जाएंगी। छात्रा ने लिखा है कि मैं माता-पिता और भाई से बहुत प्यार करती हूं। मेरे सभी साथी बहुत अच्छे हैं। आठवीं में मुझसे एक गलती हो गई थी। तबसे लेकर अब मुझ पर कोई विश्वास ही नहीं करता। तब जो काम मैंने किया था, उसकी सजा मिल चुकी थी, लेकिन जो नहीं किया उसका भी आरोप लगता है। विद्यालय प्रशासन से मैंने इसको लेकर कई बार शिकायत की लेकिन, कुछ कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस जांच में सुसाइड के कुछ पन्ने गायब होने की बात भी सामने आ रही है।
पंखे से लटका मिला छात्रा का शव
मैनपुरी शहर के मोहल्ला गोपीनाथ अड्डा निवासी सुभाष चंद्र पांडेय की 16 वर्षीय बेटी अनुष्का जवाहर नवोदय विद्यालय में 11वीं की छात्रा थी। वह विद्यालय परिसर स्थित हॉस्टल में ही रहती थी। सोमवार सुबह तड़के जब पीटी के लिए बच्चे सोकर उठे तो अनुष्का के शव को पंखे से लटकता हुआ पाया गया। बच्चों ने इसकी सूचना स्कूल स्टाफ को दी। आनन-फानन में छात्रा को फंदे से उतार कर जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
छात्रा के सुसाइड की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी पीके उपाध्याय, एसपी अजय शंकर राय पुलिस व फॉरेंसिक टीम के साथ मौक पर पहुंचे। पुलिस ने सभी छात्राओं व कॉलेज स्टॉफ के बयान लेकर मामले की छानबीन कर रही है। एसपी ने कहा प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, छात्रा के बक्शे से बरामद सुसाइड नोट में आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। मामले की तहकीकात की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति क्लियर हो सकेगी।
स्कूल प्रशासन पर लग रहे गंभीर आरोप
नवोदय विद्यालय में 11वीं की छात्रा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा कई दिनों से परेशान थी। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अनुष्का के अध्यापकों ही नहीं साथी छात्रों द्वारा भी अभद्र व्यवहार भी किया जा रहा था। पुलिस पूछताछ में यह खुलासा भी हुआ है। अनुष्का जिस हॉल में रहती थी, उस हॉल की छात्राओं ने प्रबंधन पर शिकायतों को न सुनने के आरोप लगाए हैं। उधर, छात्रा के शरीर पर चोटों के निशान ने घटना को दूसरा मोड़ दे दिया है। परिजनों ने स्कूल प्रशासन और कुछ छात्राओं पर हत्या का आरोप लगाया है।
अनुष्का की मौत पर उठ रहे ये सवाल
- तीन वर्ष पहले अनुष्का के साथ एक घटना हुई, जिसके बाद से लगातार उसे अपमानित किया गया। इस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- कक्षा 8 में चोरी का आरोप लगाकर साथी छात्राओं से उसे पिटवाया गया, स्कूल प्रशासन ने छात्रा को ऐसी सजा क्यों दी?
- सुसाइड नोट से कई पन्ने गायब हैं। आखिर वह पन्ने कहां गए। जानबूझकर तो गायब नहीं किए गए?
- अनुष्का के बदलते व्यवहार पर स्कूल स्टाफ ने ध्यान क्यों नहीं दिया? तीन साल तक वह तनाव में जीती रही।
- अनुष्का के शरीर पर चोटें कैसे लगीं?
- विद्यालय के प्रवेश गेट के बगल के कमरे में शव लटका मिला, कमरे में अनुष्का कैसे पहुंची?
- हॉल में अनुष्का के साथ 23 अन्य लड़कियां भी रहती थीं, उनके बीच से अनुष्का अकेले बाहर कैसे निकल गई?
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Updated on:
17 Sept 2019 07:52 pm
Published on:
17 Sept 2019 02:33 pm
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