
पिछड़ों की राजनीति करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य अक्सर ही अपने बयानों की वजह से चर्चा में आ जाते हैं। इस वक्त इनका रामचरितमानस पर दिया बयान इतना चर्चा में हैं कि सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड में हैं। ये पहला मौका नहीं है जब उनके बयान से बखेड़ा हुआ है। वो कांग्रेस नेता शीला दीक्षित से लेकर RSS नेताओं तक के लिए ऐसे बयान दे चुके हैंं, जिन पर खूब हंगामा हुआ है। आइए हम आपको इनके 4 विवादित बयान बताते हैं।
नंबर 1: शादियों में नहीं करनी चाहिए गौरी-गणेश की पूजा
स्वामी मौर्य की हिन्दू धर्मग्रन्थ या देवी-देवताओं पर टिप्पणी का ये पहला मामला नहीं है। साल 2014 में मौर्य ने कहा था कि शादियों में गौरी-गणेश की पूजा एकदम बंद कर देनी चाहिए।
उन्होंने कहा था, "यह मनुवादी व्यवस्था में दलितों और पिछड़ों को गुमराह कर उनको शासक से गुलाम बनाने की साजिश है। हिंदू धर्म में सूअर को वराह भगवान कहकर सम्मान दे सकते हैं। गधे को भवानी, चूहे को गणेश और उल्लू को लक्ष्मी की सवारी कहकर पूजा की जाती है, लेकिन शूद्र को सम्मान नहीं दिया जाता।"
नंबर 2ः नाग रूपी RSS और सांप रूपी भाजपा को खत्म करेगा स्वामी रूपी नेवला।
दूसरों नेताओं या धर्म पर बयान तो छोड़ दीजिए, स्वामी प्रसाद मौर्य तो खुद को भी नेवला बता चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मौर्य भाजपा को छोड़कर सपा में गए तो बोले, "ये भाजपा वाले नाग हैं।" फिर बोले कि भाजपा नाग है तो मैं नेवला हूं। इनको छोड़ूंगा नहीं।
2022 में मौर्य चुनाव हारे तो उनको नाग नेवला की बात याद दिलाई गई। इस पर मौर्य ने भाजपा के साथ RSS को भी लपेट लिया। RSS को नाग तो भाजपा को सांप बताते हुए कहा, "नाग-सांप ने मिलकर नेवले को जीतने नहीं दिया। पर हारकर भी बड़ा तो नेवला ही रहेगा।"
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नंबर 3- मायावती तो थैली वालों के पीछे हैं
लंबे समय तक बसपा में रहे स्वामी प्रसाद मोर्य ने मायावती पर भी काफी कुछ कहा है। मायावती को उन्होंने कहा था- कांशीराम का नारा था, 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी', मायावती ने उनके नारे को बदलकर 'जिसकी जितनी तैयारी, उसकी उतनी भागीदारी’ कर दिया। मायावती अब थैली वालों के पीछे खड़ी हो गई हैं।
नंबर4: शिला दीक्षित हैं खारिज सामान
ये बात साल 2016 की है जब शीला दीक्षित को कांग्रेस पार्टी की ओर से यूपी में सीएम पद का चेहरा बनाए जाने के बारे में बातें चल रही थी। उस समय स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि कांग्रेस ने दिल्ली से खारिज किए गए माल को लाकर इसे यूपी में पेश किया है। इससे साबित होता है कि कांग्रेस पार्टी के पास यहां नेता नहीं हैं।
Updated on:
23 Jan 2023 08:57 pm
Published on:
23 Jan 2023 08:46 pm
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