
लखीमपुर खीरी के BJP विधायक CM योगी से मिले, पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग
Lakhimpur Kheri जिले के छह भाजपा विधायक लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले और जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) गणेश प्रसाद साहा को हटाने की मांग की। विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक उनके इलाके के मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं और उनकी बातों को अनसुना कर रहे हैं, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
यह मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई, जिसमें विधायकों ने अपने क्षेत्र की स्थिति और पुलिस प्रशासन के कामकाज पर गंभीर चिंता व्यक्त की। विधायकों का कहना था कि एसपी साहा की कार्यशैली से इलाके में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है और जनता उनके खिलाफ नाराज है।
BJP विधायकों ने क्यों उठाई SP साहा के खिलाफ आवाज?
लखीमपुर खीरी जिले के भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक साहा ने उनके क्षेत्र में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। विधायकों ने यह भी कहा कि उनका कामकाजी तरीका न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से कमजोर था, बल्कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी अव्यवस्थित था।
विधायकों का कहना था कि एसपी साहा ने कभी भी उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया और न ही उन्होंने जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कोई उचित कदम उठाए। इसके परिणामस्वरूप, जिले में अपराधों में बढ़ोतरी और सामाजिक अशांति का माहौल बना हुआ है।
विधायकों का आरोप: “SP हमारी एक भी बात नहीं सुनते”
विधायकों ने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने जिले में पुलिस के कामकाज को लेकर शिकायत की, तो पुलिस अधीक्षक ने उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया। इसके कारण जनता में भी गहरी निराशा फैल गई और भाजपा विधायकों ने महसूस किया कि अगर इस स्थिति को सुधारने की कोशिश नहीं की गई, तो आगामी चुनावों में पार्टी की छवि को नुकसान हो सकता है।
मुख्यमंत्री योगी से मिलने का उद्देश्य
BJP विधायकों का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर जिले के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज करना था। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद, विधायकों ने उम्मीद जताई कि योगी सरकार इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई करेगी और पुलिस अधीक्षक को हटाने के लिए उचित कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संभावित कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद, भाजपा विधायकों ने यह उम्मीद जताई कि योगी सरकार इस पर जल्द से जल्द फैसला लेगी। मुख्यमंत्री ने विधायकों के आरोपों पर गंभीरता से विचार किया और उन्हें आश्वस्त किया कि स्थिति का समुचित समाधान किया जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठता है कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा के खिलाफ कोई कदम उठाएंगे, या फिर यह मामला बीते दिनों की तरह राजनीतिक विवाद बनकर रह जाएगा।
बीजेपी विधायकों के साथ जनता का समर्थन
लखीमपुर खीरी में भाजपा के विधायकों ने इस बात का समर्थन किया कि जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश पुलिस प्रशासन के खिलाफ है, खासकर पुलिस अधीक्षक साहा के कार्यकाल में। भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता ने भी कई बार आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन भ्रष्टाचार से भरपूर है और कई मामलों में पुलिस की निष्क्रियता देखने को मिली है।
कानून व्यवस्था पर सवाल
लखीमपुर खीरी में इन दिनों बढ़ते अपराधों और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। भाजपा विधायकों का यह आरोप है कि एसपी साहा ने पुलिस बल को ठीक से प्रशिक्षित नहीं किया और उनकी कार्यशैली से इलाके में अपराध और असुरक्षा बढ़ी है।
क्या SP साहा को हटाया जाएगा?
अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले पर कोई एक्शन लेते हैं या नहीं। अगर विधायकों की मांग पर कार्रवाई की जाती है तो यह न केवल लखीमपुर खीरी जिले के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक संकेत होगा कि योगी सरकार अपने विधायकों और जनता की परेशानियों को गंभीरता से लेती है।
Updated on:
05 Jan 2025 11:25 am
Published on:
05 Jan 2025 11:25 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
