
कहते हैं कि पति-पत्नी एक-दूसरे के पूरक हैं, तकलीफ एक को हो तो दर्द दूसरे को होता है
लखनऊ. कहते हैं कि पति-पत्नी एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों ही एक-दूसरे की ताकत और कमजोरी हैं। तकलीफ एक को हो तो दर्द दूसरे को होता है। पति-पत्नी के रिश्तों की प्रगाढ़ता का ऐसा ही एक मामला सामने आया है राजधानी लखनऊ में। महानगर के शालीमार गैलेंट अपार्टमेंट में 83 वर्षीय ओम प्रकाश ने सिर्फ इसलिए गोली मारकर खुदकुशी कर ली, क्योंकि बीमार पत्नी से उनकी बात नहीं हो पा रही थी। मृतक के बेटे ने कहा कि बीमार मां से बात नहीं होने पाने के कारण अवसादग्रस्त पिता ने जान दे दी।
हरदोई में रहने वाले ओम प्रकाश का भरा-पूरा परिवार है। बेटा अजय कुमार सिंह हाईकोर्ट में वकील है और भाई भी शालीमार अपार्टमेंट में रहते हैं। बीते 22 सितंबर को ओम प्रकाश सिंह की पत्नी चंदा सिंह गिर गई थीं, जिसके कारण उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। परिजनों ने राजधानी के मिडलैंड अस्पताल में उनका ऑपरेशन कराया। ओम प्रकाश सिंह भी हरदोई से लखनऊ आ गये थे। पत्नी से मिलने के अलावा वह कई बार फोन पर बात कर हालचाल भी लेते थे। गुरुवार को पत्नी से बात नहीं हो पाई तो वह विचलित हो उठे। इस बाबत बेटे अजय को बताया तो उन्होंने अस्पताल में फोन मिलाया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
बाथरूम में खून से सनी पड़ी थी लाश
मृतक के बेटे अजय के मुताबिक, रात करीब सवा बारह बजे पिता के कमरे से गोली चलने की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंचे। बाथरूम में पिता की लाश खून से लथपथ पड़ी देखकर उनके होश उड़ गये। उनकी कनपटी पर गोली लगी थी। पास ही लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ा था। आनन-फानन में वह पिता को नजदीकी अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अजय का कहना है कि मां की तबियत खराब होने की वजह से पिता परेशान थे। गुरुवार को बात नहीं हुई तो अवसादग्रस्त होकर उन्होंने जान दे दी।
थानाध्यक्ष बोले
थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटनास्थल पर मिली लाइसेंसी रिवॉल्वर को पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
Published on:
28 Sept 2019 04:15 pm
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