
Aaj Ka Panchang 22 December 2021: आज का पंचांग - बुधवार, 2078 आनन्द, विक्रम संवत, 03 पौष, कृष्ण पक्ष, तृतीया। बुधवार के दिन गणेश भगवान की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। आज के दिन शरीर पर तेल लगाने से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
आज क्या करें क्या न करें
आज के दिन उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो घर से धनियां या तेल खाकर निकलें। तृतीया तिथि को परवल नहीं खाना चाहिए और इस तिथि में शिल्प, चूड़ा कर्म, अन्नप्राशन व गृह प्रवेश शुभ है।
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – कोई नहीं
अमृत काल मुहुर्त – 05.44 PM से 07.29 PM तक
विजय मुहूर्त – 01.50 PM से 02.31 PM तक
गोधूलि बेला – 05.08 PM से 05.32 PM तक
निशीथ काल – 11.38 PM से 00.32 AM (23 दिसंबर) तक
शुभ योग
रवि योग – नहीं
गुरु पुष्य योग - नहीं
सर्वार्थ सिद्धि योग – नहीं
अमृत सिद्धि योग – नहीं
द्विपुष्कर योग – नहीं
त्रिपुष्कर योग – 06.51 AM से 02.53 PM तक
आज के अशुभ मुहूर्त-
गुलिक काल – 10.47 AM से 12.05 PM तक
यमगंड – 08.10 AM से 09.28 AM तक
दुर्मुहूर्त – 11.44 AM से 12.26 PM तक
भद्रा - 06.51 AM से 04.52 PM
आज का राहुकाल
लखनऊ- 12.05 PM से 01.23 PM तक
वाराणसी – 11.57 PM से 01.16 PM तक
गोरखपुर – 11.55 PM से 01.14 PM तक
प्रयागराज – 12.01 PM से 01.20 PM तक
कानपुर – 12.07 PM से 01.26 PM तक
आगरा - 12.17 PM से 01.35 PM तक
मथुरा - 12.18 PM से 01.36 PM तक
दिल्ली - 12.20 PM से 01.37 PM तक
चंड़ीगढ़ - 12.22 PM से 01.38 PM तक
भोपाल - 12.19 PM से 01.39 PM तक
राहु काल क्या है?
राहु काल या राहु कलाम दिन का सबसे प्रतिकूल समय है, जब कुछ भी शुभ करते हैं, तो कभी भी अनुकूल परिणाम नहीं देते हैं। ज्योतिषी हमेशा शुभ मुहूर्त की गणना करते हुए, दिन के इन 90 मिनटों को छोड़ देते हैं।
यमगंडम का क्या अर्थ है या यमगंड काल?
यमगंडम का अर्थ है मृत्यु का समय, या मौत का समय। यमगंडम मुहूर्त के दौरान केवल मृत्यु अनुष्ठान और समारोह किए जाते हैं। इस समय में शुरू की गई कोई भी गतिविधि कार्य या उससे जुड़े अन्य पहलुओं को निराश करती है। इसलिए, यमगंडम मुहूर्त के दौरान की गई गतिविधियाँ विफलता में समाप्त होती हैं या अंतिम परिणाम अक्सर बहुत अनुकूल नहीं होता है। हमेशा सलाह दी जाती है कि इस दौरान धन या यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण गतिविधियाँ शुरू न करें।
राहु काल समय में क्या करें?
नया व्यवसाय या आयोजन शुरू करने के लिए राहु काल को शुभ नहीं माना जाता है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में पहले से शुरू होने वाली दैनिक गतिविधियों को जारी रखने में कोई समस्या नहीं है। राहु काल में नहीं की जाने वाली चीजों में शामिल हैं- विवाह संस्कार, गृहप्रवेश, पूजा और अनुष्ठान, एक नया व्यवसाय शुरू करना, और अन्य शुभ कार्य।
जब आप राहु काल के दौरान किसी शुभ घटना से बच नहीं सकते तो क्या करें?
ऐसी स्थितियों में जब आप राहु काल के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों को करने से बच नहीं सकते हैं, तो यह सलाह दी जाती है कि भगवान हनुमान को पंचामृत और गुड़ अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। शुभ काम शुरू करने से पहले इस प्रसाद का सेवन करने से राहु के हानिकारक प्रभाव दूर रहेंगे।
Published on:
21 Dec 2021 10:15 pm
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