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महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है यूपी, आंकड़े बता रहे हैं हकीकत

महिला और अपराध का हमारे समाज में चोली दामन का साथ होता जा रहा है

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Oct 13, 2015

Raipur crime

Raipur crime

सुधीर कुमार

लखनऊ.
उत्तर प्रदेश अपराधों का प्रदेश बनता जा रहा है। तहजीब नाम की चीज गुम होती जा रही है। महिला और अपराध का हमारे समाज में चोली दामन का साथ होता जा रहा है। अपराध की संख्या में सबसे ज्यादा मामले महिलाओं अौर मासूम बच्चियों से ही जुड़े हैं। इस सम्बन्ध में मनोरोग विशेषज्ञों का मानना है आज के दौर में युवाओं में उत्तेजना के चलते वे घटनाओं को अंजाम दे रहे है इसके आलावा नशा खोरी के चलते भी लोग वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।


यह है यूपी के चर्चित हत्याकांड

केस नंबर 1
- उत्तर प्रदेश में चर्चित हत्याकांडों में वर्ष 2008 में नोएडा निवासी डा. राजेश तलवार की बेटी आरूषि व उनके नौकर हेमराज को बेरहमी से मार दिया गया।


केस नंबर 2
- पीजीआई क्षेत्र में विधि छात्रा गौरी हत्याकांड-2 फरवरी 2015 को अमीनाबाद निवासी इंटीरियर डेकोरेशन का कारोबार करने वाले शिशिर श्रीवास्तव की 20 वर्षीय बेटी विधि की छात्रा गौरी को अगवा कर कातिलों ने उसका बेरहमी से कत्ल कर दिया। उसका दो टुकड़ों में शव वृन्दावन क्षेत्र में बैग में सुनसान जगह पर फेंका मिला था।


केस नंबर 3
- 10 जून 2011 को लखीमपुर जिले के पिघासन थाने से चंद कदमों की दूरी पर रहने वाले मजदूर इंतजार अली की 14 वर्षीय बेटी सोनम निघासन थाने की ओर गई कि किसी पेशेवर का निवाला बन गई। इस मामले में भी डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के दौरान खेल किया और बता दिया था कि बालिका के साथ न रेप और न ही हत्या की गई।


राजधानी में यह हुई सनसनीखेज वारदातें


केस नंबर 1
- यूपी की राजधानी लखनऊ में पुलिस मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर 25 जनवरी 2011 को चिनहट स्थित निजामपुर मल्हौर गांव निवासी 17 वर्षीय बालिका को हैवानों ने उस समय अपनी हवश का शिकार बनाकर बेरहमी से मारा था, जब वह अपने घर से सिलाई सिखने के लिए निकली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जहां डाक्टरों ने चंद रुपये के खातिर अपना इमान बेच दिया। 24 घंटे में ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदल दिया था।


केस नंबर 2
- 18 जनवरी 2012 को इंदिरानगर थाना क्षेत्र स्थित चूड़ामन पुरवा गांव निवासी आठ वर्षीय मासूम बच्ची को अगवा कर बेरहम हत्यारों ने मार डाला और शव को गांव के बाहर खेत में फेंक दिया। इस मासूम हत्याकांड में भी दबंगों के आगे पुलिस घुटने टेक गई थी, नतीजा इस वारदात का रहस्य आज भी बरकरार है।


केस नंबर 3
- 17 जुलाई 2014 को मोहनलालगंज के बलसिंह खेड़ा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में 30 वर्षीय महिला के साथ दरिंदगी की हद पार कर हैवानों ने निर्वस्त्र कर बेरहमी से कत्ल कर दिया। विद्यालय परिसर में चारों तरफ खून ही खून बिखरा था। घटनास्थल इस बात की गवाही दे रहे थे कि महिला हैवानों से बचने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकी, लेकिन वहशियों के आगे बेबस होकर रह गई और हत्यारे अपने नापाक मंसूबे में कामयाब होकर भाग निकले। पुलिस अधिकारी शव की पहचान होते ही आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार करा दिया था।


केस नंबर 4
- 27 जून 2015 पीजीआई स्थित जंगल में एक महिला की गैंगरेप के बाद निर्मम हत्या कर दी कर दी गयी। वही अलीगंज में प्रेमी ने रास्ते से हटाने लिए प्रेमिका की निर्मम हत्या करके शव बोरे में भरकर फेंक दिया।


केस नंबर 5
- 8 जुलाई 2015- गुडम्बा इलाके में दुष्कर्म के बाद नौ वर्षीय बालिका की हत्या कर दी गई। उसका शव एक गड्ढे में पड़ा मिला।


केस नंबर 6
- 19 जून 2015- बाजारखाला के भवानीगंज निवासी ट्रेवेल एजेंसी संचालक आफाक अहमद के सात वर्षीय बेटे बिलाल की हत्या कर हत्यारों ने शव को एक प्लाट में फेंक दिया।


केस नंबर 7
- 17 अगस्त 2015- सरोजनीनगर इलाके में पिता किशनचन्द्र व बेटा बबलू की गोली मारकर हत्या।

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केस नंबर 8
- 27 फरवरी 2015- हसनगंज के बाबूगंज स्थित एटीएम बूथ में रुपये भरने गये एक कस्टोडियन सहित तीन लोगों की हत्या।


केस नंबर 9

संबंधित खबरें

- 21 जुलाई 2015- मडिय़ांव के प्रीतिनगर निवासी हाईप्रोफाइल योग टीचर संतोष त्रिवेदी की हत्या कर दी गई। शव उनके कमरे में पड़ा मिला।


केस नंबर 10
- 9 जुलाई 2015- हजरतगंज के भोपाल हाउस निवासी रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर आनंद किशोर रैना की हत्या।


केस नंबर 11
- 29 जुलाई 2015- निगोहा के गौतमखेड़ा गांव के पास एक महिला की हत्या, शव जंगल में पड़ा मिला।


केस नंबर 12
- 17 मई 2015- पारा क्षेत्र के आश्रयहीन कॉलोनी में एक महिला की हत्या। उसका शव एक मकान में बक्से में मिला।


केस नंबर 13
- 29 मई 2015- इंदिरानगर के राजीवनगर निवासी बीना सिंह की गला रेतकर निर्मम हत्या।


केस नंबर 14
- 27 अगस्त 2015- मडिय़ांव के पलटन छावनी निवासी पांच वर्षीय केशव को अगवा करने के बाद हत्यारों ने मार डाला।


केस नंबर 15
- 27 जुलाई 2015- मलिहाबाद इलाके में प्रेमी युगल की हत्याकर हत्यारों ने शवों को जंगल में फेंक दिया।


केस नंबर 16
- 6 जुलाई 2015- हजरतगंज के नवल किशोर रोड निवासी बुजुर्ग महिला रामरति देवी की लूट का विरोध करने पर हत्या कर दी गई।


केस नंबर 17
- 7 जुलाई 2015- आशियाना क्षेत्र निवासी बुजुर्ग महिला बिटाना व उसके बेटे पप्पू की सिर पर वारकर हत्या कर दी गई।


केस नंबर 18
- 1 जून 2015- मडिय़ांव के बसंत बिहार कॉलोनी निवासी सायरा व उसकी बेटी सोनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।


केस नंबर 19-
11 अगस्त 2015- चौक के बजाजा निवासी इमामाबाड़े के मुतवल्ली तकी रजा उर्फ तक्कू की गोली मारकर दिनदहाड़े हत्या।


केस नंबर 20-
25 अगस्त 2015- चौक इलाके में बुजुर्ग महिला आशारानी की दुष्कर्म के विरोध में बेरहम कातिल ने कत्ल कर दिया।


केस नंबर 21
- 25 अगस्त 2015 - काकोरी क्षेत्र स्थित एक गांव में किशोरी (14) को अकेला पाकर गांव के युवक ने बंधक बनाकर दुराचार का प्रयास किया। किशोरी का शोर सुनकर पड़ोसी महिलाओं ने शोर मचाया। तो अरोपी जान से मारने की धमकी देता हुआ भाग निकला।


केस नंबर 22
- 6 सितम्बर 2015 विभूतिखण्ड इलाके में एक अज्ञात महिला का शव पड़ा मिला। उसके शरीर पर चोट के निशान मौजूद थे। महिला की गला दबाकर हत्या की गई थी।


केस नंबर 23
- 6 सितम्बर 2015 राजधानी के नाका थानाक्षेत्र में दरिंदो ने एक अज्ञात 15 वर्षीय किशोरी की दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या करके शव रेलवे लाइन पर फेंक दिया।


केस नंबर 24
- 16 सितम्बर 2015 राजधानी के निगोहा थानाक्षेत्र में शौच के लिए गई। किशोरी को पकड़कर गांव के ही युवक ने झाडि़यो में खींचकर जबरन दुराचार किया।


केस नंबर 25
- 16 सितम्बर 2015 मलिहाबाद थाना क्षेत्र के गढ़ी जिन्दौर के मजरे गदियाखेड़ा निवासी एक विवाहिता को एक शिक्षक ने मंजिल तक पहुंचाने की बात कहकर उसके साथ दुष्कर्म किया।


केस नंबर 26
- 4 अक्टूबर 2015 राजधानी के चौक इलाके में ठाकुरगंज निवासी रसीद उर्फ अनीस (40) जोकि जल निगम में सिक्योरिटी गार्ड है। उसने चौक इलाके के नक्खास की कंजेवाली गली में एक पांच वर्षीय मासूम बच्ची से अश्लील हरकत की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल दिया ।


केस नंबर 27
- 12 अक्टूबर 2015- गोसाईंगंज के महुरा गांव में एक तीस साल के युवक ने सात साल की छात्रा के साथ दुराचार कर दिया। इसके बाद आरोपी दुकान में ताला डाल कर मौके से फरार हो गया।


केस नंबर 28
- 12 अक्टूबर 2015 बंथरा में एक अधेड़ ने कक्षा-2 की मासूम छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। वह टॉफी देने के बहाने मासूम को घर के भीतर ले गया और उसके साथ अश्लील हरकते करने लगा।


क्या कहते है मनोरोग विशेषज्ञ और जिम्मेदार


इस सम्बन्ध में केजीएमयू के मनोरोग विशेषज्ञ डाक्टर अब्दुल कादिर जिलानी ने बताया कि युवा उत्तेजना के चलते ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे है। इसके आलावा युवाओं में बढ़ रही नशा खोरी के चलते भी वे वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसे रोकने समाज को जागरूक करने के जरुरत है पैरेंट्स अपने बच्चों में बदलाव नजर आते ही सारी बातें उनसे शेयर करें और डाक्टर की सही समय पर सलाह ले।


लखनऊ के एसएसपी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि रेप के ज्यादातर मामलों में आरोपी करीबी ही निकलते है। पुलिस के संज्ञान में मामला आते ही पुलिस उचित कार्यवाही करती है। वे आगे कहते हैं कि हम अपराध रोकनें के प्रयास कर रहे है।

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