16 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भ्रष्टाचार पर सीएम योगी सख्त, यह पांच आईपीएस अफसर हो सकते हैं निलंबित, जांच हुई पूरी

- उन्नाव डीएम को किया निलंबित, पांच आईपीएस अफसरों के भ्रष्टाचार की एसाईटी जांच पूरी - निलंबन से लेकर विभागीय कार्रवाई तक संभव  

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Abhishek Gupta

Feb 23, 2020

cm yogi

cm yogi

लखनऊ. भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस की नीति अपनाते हुए सीएम योगी ने आईएस व आईपीएस अफसरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को जहां उन्नाव के बेसिक शिक्षा विभाग में कंपोजिट ग्रांट के तहत हुए 9 करोड़ 73 लाख के घोटाले में जिलाधिकारी को निलंबित कर दिया तो वहीं अब भ्रष्टाचार में लिप्त यूपी के पांच आईपीएस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। इनके खिलाफ निलंबन से लेकर विभागीय कार्रवाई तक मुमकिन है।

ये भी पढ़ें- ट्रस्ट गठन के बाद पहली बार अयोध्या आए सीएम योगी ने राम मंदिर पर दिया बड़ा बयान, अपने दादा गुरू को लेकर कही अनसुनी बातें

एसआईटी जांच पूरी-

ट्रांसफर व पोस्टिंग के नाम पर पैसों के लेन-देन मामले में पांच आरोपी आईपीएस अफसरों पर गाज गिर सकती है। गौरतलब है कि नोएडा के एसएसपी रहे वैभव कृष्ण ने जिलों में तैनात रहे पांच आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इसमें गाजियाबाद के एसएसपी रहे सुधीर कुमार सिंह, सुल्तानपुर के एसपी रहे हिमांशु कुमार, बांदा के एसपी रहे गणेश साहा और रामपुर के एसपी रहे अजय पाल शर्मा शामिल थे। एसआईटी जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो पांचों आरोपियों को महंगे पड़ सकते हैं। मामले से जुड़े सभी पुलिस अफसरों व अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। अब एसआईटी के सभी अफसर एक साथ बैठक कर जांच पर चर्चा करेंगे। इसके बाद अगले सप्ताह तक सीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

ये भी पढ़ें- यूपी विधान परिषद चुनाव: कांग्रेस ने घोषित किए छह प्रत्याशी, भाजपा छोड़कर आए इस नेता को मिला टिकट

यह तथ्य आए सामने-

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने एसआईटी को कुछ दस्तावेज सौंपे हैं। शिकायतकर्ता ने पेन ड्राइव में सभी डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। इसमें दो आईपीएस अफसरों की वायस रिकॉर्डिंग भी है, जिसमें ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर पैसों के लेन-देन की बात शामिल हैं। एक जिले के कप्तान ओवरलोड गाड़ियों को पास कराने का सौदा कर रहे हैं। हालांकि ये सभी दस्तावेज एसएसपी गौतमबुद्ध नगर रहे वैभव कृष्ण ने जांच अधिकारी को पूर्व में ही सौंप दिए थे। सीएम योगी की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इनमें से कुछ अफसरों के निलंबन से लेकर विभागीय जांच तक की सिफारिश की जा सकती है।