
13 किलो सोना, 9 किलो चांदी बरामद, DGP राजीव कृष्ण ने किया इनाम का ऐलान (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
UP Vigilance Raid: DGP Rajeev Krishna Announces ₹1 Lakh Reward After Gold, Silver Haul: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी और चर्चित कार्रवाई को अंजाम दिया है। परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी ललित कुमार के विभिन्न ठिकानों पर की गई छापेमारी में आय से अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के दौरान करीब 13 किलोग्राम सोना, 9 किलोग्राम चांदी सहित बड़ी मात्रा में कीमती सामान और अन्य संपत्तियां मिलने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई की सफलता पर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने विजिलेंस टीम की सराहना करते हुए उन्हें एक लाख रुपये की शाबाशी राशि देने की घोषणा की है।
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस विभाग को लंबे समय से सेवानिवृत्त परिवहन अधिकारी ललित कुमार की आय से अधिक संपत्ति की शिकायतें मिल रही थीं। प्रारंभिक जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर विशेष टीम गठित कर उनके विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की भी गहन जांच की।
छापेमारी में भारी मात्रा में सोना-चांदी के अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले हैं। जांच एजेंसियां अब इन सभी संपत्तियों के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद बरामद संपत्तियों का वास्तविक मूल्य और भी अधिक हो सकता है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान लगभग 13 किलोग्राम सोना और 9 किलोग्राम चांदी बरामद हुई है। इतनी बड़ी मात्रा में कीमती धातुओं की बरामदगी ने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। इसके अलावा कई अन्य बहुमूल्य सामान, निवेश संबंधी दस्तावेज और संपत्ति के कागजात भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि यदि बरामद सोने और चांदी के मौजूदा बाजार मूल्य के साथ अन्य संपत्तियों का आकलन किया जाए तो कुल संपत्ति करोड़ों रुपये में हो सकती है। फिलहाल विभाग सभी दस्तावेजों का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में जुटा है।
इस सफल कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने विजिलेंस टीम की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ईमानदारी और पूरी निष्ठा से काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल बढ़ाना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने कार्रवाई में शामिल पूरी टीम को एक लाख रुपये की शाबाशी राशि देने की घोषणा की।
DGP ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने पूरी पारदर्शिता और साहस के साथ इस कार्रवाई को सफल बनाया है, वे निश्चित रूप से सम्मान के पात्र हैं।
विजिलेंस विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआती चरण में है। बरामद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग बैंक लेनदेन, अचल संपत्तियों, निवेश और अन्य वित्तीय स्रोतों की भी पड़ताल कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस मामले में किसी अन्य अधिकारी या कारोबारी की भूमिका रही है। यदि ऐसे साक्ष्य मिलते हैं तो कार्रवाई का दायरा और व्यापक हो सकता है।
प्रशासनिक हलकों में इस छापेमारी की व्यापक चर्चा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विजिलेंस विभाग ऐसे अन्य मामलों में भी जांच तेज कर सकता है। फिलहाल पूरे प्रदेश की नजर इस मामले की आगे की जांच और उससे सामने आने वाले नए खुलासों पर टिकी हुई है।
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Updated on:
09 Jul 2026 10:01 am
Published on:
09 Jul 2026 10:01 am
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