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अरबी फारसी यूनिवर्सिटी में बढ़ी छात्रों की संख्या, पीएचडी कोर्स भी जल्द होंगे शुरू

राजधानी लखनऊ स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय में इस बार पिछले कई साल से ज्यादा आवेदन आए हैं।

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अरबी फारसी यूनिवर्सिटी में बढ़ी छात्रों की संख्या, पीएचडी कोर्स भी जल्द होंगे शुरू

लखनऊ. राजधानी लखनऊ स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय में इस बार पिछले कई साल से ज्यादा आवेदन आए हैं। यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. माहरूख मिर्जा ने बताया कि इस बार अभी तक 851 एडमिशन हो चुके हैं। इससे पहले यूनिवर्सिटी में 400-500 प्रवेश होते थे। इस वर्ष शिक्षकों ने जनपद के लगभग 100 इन्टर कालेजों में जाकर अधिकाधिक प्रवेश हेतु प्रयास किये। वहीं उन्होंने ये भी बताया कि यूनिवर्सिटी में जल्द ही पीएचडी के कोर्स भी शुरू होंगे। इसके लिए बस शासन की अनुमति का इंतजार है।

जानें क्या बोले वीसी-

-विश्वविद्यालय में पीएचडी आरम्भ किये जाने के संदर्भ में उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का प्रथम अध्यादेश, जिसमें पीएचडी अध्यादेश सम्मिलित है, शासन की अपेक्षानुसार पुनः संशोधित कर शासन को प्रेषित किया जा चुका है, जिसकी अधिसूचना जल्द ही निर्गत होने की संभावना है।

- विश्वविद्यालय ने इस वर्ष अरबी यूजी डिप्लोमा-अरबी : इंगलिश : अरबी - ट्रान्सलेशन एण्ड इन्टरप्रेटेशन, अरबी पीजी डिप्लोमा- अरबी : इंगलिश : अरबी-ट्रान्सलेशन एण्ड इन्टरप्रेटेशन के साथ साथ डिप्लोमा इन जीएसटी भी आरम्भ किया है जिसमें 20 छात्र प्रवेश ले चुके हैं।

- शिक्षा के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने दो एमओयू भी हस्ताक्षरित किए हैं। यह एम0ओ0यू0 एबै्रस्टविथ ‎विश्वविद्यालय, यू0के0 के साथ जनसंचार एवं पत्रकारिता तथा मैनेजमेंट के क्षेत्र में एवं सुल्तान शरीफ अली विश्वविद्यालय, ब्रुनई के ‎साथ भाषाओं के विकास हेतु हस्ताक्षरित किए गए हैं। विश्वविद्यालय अल मुस्तफा अंतर्राष्ट्रीय ‎विश्वविद्यालय, ईरान के साथ भी एमओयू स्थापित करने के लिए ‎प्रयासरत है।

-विश्वविद्यालय के पास स्थिति कैरियर मेडिकल इंस्टीट्यूट से टाईअप किया गया है जिसके अन्तर्गत कैरियर इंस्टीट्यूट के दो डॉक्टर प्रतिदिन विश्वविद्यालय में उपलब्ध रहते हैं। विश्वविद्यालय कैरियर इंस्टीट्यूट के साथ संयुक्त खेल व्यवस्था स्थापित करने के लिये भी प्रयासरत् है।

-इस बार फारसी विभाग में विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि के लिये विशेष प्रयास किये गये तथा विदेशी विश्वविद्यालय से डिग्री प्राप्तकर्ता लगभग 08 विद्यार्थियों ने फारसी विभाग में प्रवेश लिया है।

-भविष्य की कार्ययोजना का उल्लेख करते हुये उन्होंने बताया कि शीघ्र ही विश्वविद्यालय में विभिन्न विदेशी भाषाओं के शिक्षण हेतु विभाग का गठन किया जायेगा। साथ ही विश्वविद्यालय में स्थापित समस्त विभागों में कम्प्यूटर लैब की भी स्थापना की जायेगी।

इस मौके पर उप कुलसचिव अर्चना जौरही, कुलानुशासक डॉ. नीरज शुक्ल एवं मीडिया प्रभारी डॉ. तनु डंग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।