
पाकिस्तान से आए कैंसर के मरीज को लखनऊ में मिली नई जिंदगी, इस तकनीक से हुआ सफल इलाज
लखनऊ. राजधानी लखनऊ में पाकिस्तान से आए मरीज का सफल इलाज कर चिकित्सक ने उसे जीवनदान दिया। मुंह के कैंसर से ग्रसित मरीज अबू के जीभ की सर्जरी होनी थी। गाल के मांस और चमड़ी से प्लास्टिक सर्जरी के जरिये जीभ को दोबारा दुरुस्त कर दिया। अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। चार लाख में होने वाली सर्जरी को डेढ़ लाख में पूरा किया गया।
मरीज अबू ने पहले अफगान में अपना इलाजा कराया। यहां से आराम न मिलने के बाद उन्हें पाकिस्तान रेफर किया गया। लेकिन जब यहां से भी आराम नहीं मिला, तो उन्हें लखनऊ के मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. अनुराग यादव के बारे में जानकारी दी गई। मरीज के डॉक्टरों ने नेट पर सर्च कर डॉ. अनुराग से बात की और 10 दिन के वीजा पर लखनऊ पहुंचे। यहां पता लगा कि मरीज को तत्काल सर्जरी की जरूरत है। डॉ. अनुराग ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर सहित अन्य खर्चों में कौकलिया एडवांस सर्जिकल सेंटर ने मदद की। मरीज का लखनऊ में सफल इलाज हुआ। रेडियोथेरेपी वह अपने देश में कराते रहेंगे।
सर्जरी में आई थी कई चुनौतियां
डॉ. अनुराग के मुताबिक, कैंसर जीभ के पिछले हिस्से में काफी ज्यादा फैल गया था। गले में लेवल टू तक बढ़ गया था। इसके लिए मांडबेल स्वीन टेक्नीक अपनाई गई। इस टेक्नीक में जबड़े को काटकर गले की तरफ से नीचे से ऊपर जाकर सर्जरी की गई। इसके बाद गाल के मांस और चमड़े को लेकर सर्जरी के दौरान कटी जीभ की प्लास्टिक सर्जरी से उसे पूरा किया गया। फिर गले में मौजूद गांठ निकाली गई। इसमें पहले लेवल पांच, फिर चार और फिर एक पर आया गया। आमतौर पर सामान्य सर्जरी में लेवल एक को पहले हटाया जाता है।
ऐसे पहचाने मुंह का कैंसर
डॉ. अनुराग ने बताया कि सिर्फ धूम्रपान करने या गुटखा, मसाला खाने से मुंह का कैंसर नहीं होता। इसकी अनेक वजह होती है। मुंह में अगर बार-बार छाला निकल रहा है या छाले से गांठ बन रही है, तो इससे मुंह के कैंसर का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि दांत के जरिये गाल के किसी हिस्से में बार-बार कट लग रहा है और वहां गांठ बन जा रही है, तो उसकी जांच करा लेनी चाहिए।
मुंह के कैंसर के अन्य कारण
Updated on:
04 Sept 2019 04:06 pm
Published on:
04 Sept 2019 03:47 pm
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