
योजनाओं का शिलान्यास करते पीएम मोदी
UP Politics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजस्थान के बीकानेर से 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के 19 रेलवे स्टेशनों का भी कायाकल्प हुआ है। यह भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे 'गति और गौरव के उत्तम समन्वय का नया प्रतीक' बताया। उन्होंने कहा कि 'अमृत भारत स्टेशन' नए भारत के संकल्प को साकार करने वाले हैं। 'अमृत भारत स्टेशन' न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति और कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा देंगे।
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर, बरेली सिटी, बिजनौर, फतेहाबाद, गोला गोकर्णनाथ, गोवर्धन, गोविंदपुरी, हाथरस सिटी, ईदगाह आगरा, इज्जतनगर, करछना, मैलानी, पुखरायां, रामघाट हॉल्ट, सहारनपुर, सिद्धार्थनगर, सुरेमनपुर, स्वामीनारायण छपिया और उझानी स्टेशनों को इस योजना के तहत नया स्वरूप दिया गया है।
इन स्टेशनों का पुनर्विकास यूपी में रेल यात्रियों के लिए सुगम और सुखद अनुभव सुनिश्चित करेगा। उत्तर प्रदेश के पुनर्विकसित स्टेशनों में आधुनिक सुविधाएं जैसे आधुनिक वेटिंग रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, डिजिटल डिस्प्ले, हरित ऊर्जा आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय वास्तुशिल्प की झलक जैसे कई नवाचार किए गए हैं। ये स्टेशन न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन देंगे।
बता दें कि देश के 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 86 जिलों में स्थित इन 103 स्टेशनों को 1,100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में 1,300 से अधिक स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जो क्षेत्रीय वास्तुकला को दर्शाने और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
मोदी सरकार में पिछले 11 वर्षों में 34 हजार किमी रेल पटरियां बिछाई गई हैं। साथ ही 47 हजार किमी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण हुआ है। इसके अलावा वंदे भारत, नमो भारत, अमृत भारत जैसी ट्रेनें और 42 हजार आईसीएफ कोच को एलएचबी कोच में बदला गया है।
आजादी के बाद पहली बार छोटे और मझोले स्टेशनों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। वर्ष 2023-24 में 1,062 स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी गई। इसके अंतर्गत अगले 8 महीनों में 100 और स्टेशन तैयार होंगे, जबकि 2027 तक 500 स्टेशनों का कार्य पूर्ण हो जाएगा।
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Updated on:
22 May 2025 05:57 pm
Published on:
22 May 2025 05:57 pm
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