
akhilesh yadav
लखनऊ. समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि लखनऊ स्थित उनके सरकारी घर को अभी खाली नहीं कराया जाए। उत्तर प्रदेश के दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों ने अदालत से बंगला खाली करने के लिए दो साल का और वक्त मांगा था। वहीं अब अखिलेश व मुलायम सिंह यादव ने कोर्ट में दायर याचिका वापस ले ली है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दी गई याचिका में मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि उनकी बढ़ती उम्र और खराब सेहत की वजह से घर खोजने के लिए उन्हें टाइम चाहिए। जबकि अखिलेश यादव ने सुरक्षा कारणों और अपने बच्चों की पढ़ाई का हवाला देकर बंगले में और वक्त तक रहने के की इजाजत मांगी है। बसपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी अपने बंगले 13ए, माल एवेन्यू पर ‘श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड लगाकर यह बताने का प्रयास किया था कि उनका बंगला कांशीराम के अनुयायियों की स्मृतियों से जुड़ा है। हालांकि राज्य संपत्ति विभाग ने मामले पर सीधा जवाब देते हुए कहा कि सिर्फ बोर्ड लगा देने से शीर्ष अदालत के आदेश पर अमल कराने में कोई बाधा नहीं है। उन्हें हर हाल में सरकारी आवास खाली ही करना होगा।
आपको बता दें कि 7 मई को सुप्रीम कोर्ट ने एनजीओ लोक प्रहरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। इन सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया गया था कि वह अपने कार्यकाल के दौरान आवंटित किए गए बंगले को खाली करें। इस आदेश के बाद यूपी में खूब सियासत हुई थी और बंगला खाली करने को लेकर बीजेपी और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला था।
Published on:
12 Jul 2018 04:07 pm
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