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कौन हैं धनंजय सिंह जिनके किक्रेट खेलने पर विपक्षी दल हुए आगबबूला, बोले योगी के बुलडोजर को नहीं मालूम इनका पता

पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह ने जौनपुर के टीडी कॉलेज में छात्र राजनीति में कदम रखा। इसके बाद वह लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचा और जल्द ही लखनऊ की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो गया। हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी, धमकी समेत कई आपराधिक मामले उस पर दर्ज हो गए थे। विधायक रहते हुए धनंजय का पहला शूटआउट छात्र राजनीति के दौर के अपने साथी अभय सिंह से हुआ था।

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लखनऊ

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Amit Tiwari

Jan 05, 2022

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लखनऊ. यूपी पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाली पुलिस जौनपुर के पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह के मामले में आंखे मूंद रखी हैं। राजधानी में अजीत हत्याकांड में वांछित धनंजय सिंह मोस्ट वांटेड हैं। मार्च 2021 में लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने धनंजय पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया। लेकिन पुलिस गिरफ्त से दूर धनंजय खुलेआम शादियों में शामिल हो रहे हैं, बल्कि उनका जौनपुर के एसपी आवास के पास क्रिकेट मैच और होटल का उद्घाटन करते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो पर राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि योगी सरकार के बुलडोजर को धनंजय का पता नहीं मालूम है।

बीजेपी एमएलसी के साथ दिखे धनंजय

28 नवंबर को जौनपुर में एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशू के यहां वैवाहिक समारोह में धनंजय सिंह मौजूद रहे। वह बीजेपी एमएलसी विद्यासागर सोनकर समेत अन्य बीजेपी नेताओं के साथ दिखे। इससे पहले एसपी आवास के पास हुए एक क्रिकेट मैच और एक करीबी के होटल के उद्घाटन कार्यक्रम में भी वह दिखाई दिए।

बीजेपी नेता के बेटे को किया था अगवा

बाहुबली धनंजय सिंह पर आरोप है कि उनके करीबियों ने जल निगम से जुड़े प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल को अगवा कर लिया था। यह मामला दिल्ली के एक बड़े बीजेपी नेता के बेटे से जुड़ी कंपनी का था। इस मामले में पुलिस ने रातों रात धनंजय सिंह और उनके करीबियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि बाद में अभिनव अपने आरोपों से मुकर गए और धनंजय सिंह को जमानत मिल गई थी।

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सवालों के घेरे में आये धनंजय

बीजेपी सरकार में धनंजय सवालों के घेरे में हैं। जौनपुर की मल्हनी सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान वह बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव भी लड़े। सरकार के एक मंत्री ने पूर्व सांसद के खिलाफ मोर्चा भी खोला है। सुरक्षा को लेकर लीक हुई एक चिट्ठी के मामले में भी वह चर्चा में रहे।

भाकियू नेता राजू गुप्ता से मांगी थी रंगदारी

लखनऊ में भारतीय किसान यूनियन के नेता राजू गुप्ता ने पूर्व सांसद के खिलाफ जानकीपुरम थाने में रंगदारी मांगने का मुकदमा लिखाया। राजू गुप्ता का आरोप था कि आगरा एक्सप्रेस से जुड़े घोटाले के मामले में उन्होंने याचिका दाखिल की थी। इसके लिए धनंजय सिंह उन्हें धमका रहे थे कि उनकी वजह से उनके करीबियों को काफी नुकसान हो गया है। इस नुकसान की भरपाई के लिए उन्होंने राजू गुप्ता से 50 लाख की रंगदारी मांगी थी।

विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

धनंजय सिंह का क्रिकेट खेलते वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी ने ट्वीट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री से जुड़े माफिया खेल रहे क्रिकेट! डबल इंजन सरकार के बुलडोजर को नहीं मालूम इनका पता। जनता सब देख रही, बाईस में भाजपा साफ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिखा है कि भाजपा का काम अपराधी सरेआम। बाबाजी अपने करीबी नालबद्ध माफियाओं के टॉप टेन की सूची बनाकर एक टीम बना लें और आईपीएल की तरह एक 'एमबीएल' मतलब "माफिया भाजपा लीग शुरू कर दें।

भाजपा जीरो पर आउट होगी- राजभर

सुभासपा के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने लिखा कि डबल इंजन' सरकार के बुलडोजर का तेल खत्म हो गया है। 25 हजार के इनामी को पुलिस पकड़ नही पाती क्योंकि वह मुख्यमंत्री की जाति से जुड़ा माफिया है, और वह सरेआम खेल रहा क्रिकेट।

जांच कराकर कार्रवाई करेंगे- डीजीपी

वीडियो के वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल ने कहा है कि अब इसकी जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।