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अखिलेश का सवाल, अडानी पर कार्रवाई क्यों नहीं? मायावती बोलीं- दांव पर है भारत की छवि

अखिलेश यादव और मायावती ने गौतम अडानी को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है।

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लखनऊ

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Priyanka Dagar

Feb 06, 2023

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कारोबारी गौतम अडानी के अडानी ग्रुप के बारे में आई हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद देशभर में हंगामा मचा हुआ है। विपक्षी दल लगातार इस मामले पर बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। मामले पर अखिलेश यादव और मायावती ने भी बीजेपी से कार्रवाई की मांग की है।

बीजेपी ने सारा पैसा अपने प्यारे उद्योगपतियों को दिया है- अखिलश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर तो गौतम अडानी का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा, "आम जनता का पैसा अपने फेवरेट उद्योगपति को दिया। मैं भारतीय जनता पार्टी के लोगों से पूछना चाहता हूं। क्या उस पर कोई कार्रवाई होगी या नहीं।

अखिलेश ने आगे कहा, “LIC, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और ना जाने कितनी संस्थाओं का पैसा अपने सबसे प्रिय उद्योगपति को लगा दिया। आज कई लाख करोड़ रुपए का घाटा हो गया है। क्या अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा? आम लोगों का पैसा चला गया और सरकार कहती है कि हम निवेश लाएंगे।"

देश की छवि दांव पर लगी है - मायावती
BSP सुप्रीमो मायावती ने कहा, “गौतम अडानी की वजह से भारत की छवि दांव पर लगी है और हर कोई इसको लेकर चिंता में है, लेकिन सरकार इसे ‘‘बहुत हल्के’’ में ले रही है। गौतम अडानी मामले का भारतीय अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालीन प्रभाव पड़ेगा और दुर्भाग्यपूर्ण है।”

मायावती ने आगे कहा, “सरकार इस देश के लोगों को भरोसे में नहीं ले रही है। इस तरह के मामलों का हल ढूढ़ने के बजाय सरकार लोगों को नजरअंदाज कर नए वादे कर रही है। इस तरह के मामलों का हल ढूढ़ने के बजाय सरकार लोगों को नजरअंदाज कर नए वादे कर रही है।”

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टॉप-20 अमीरों की लिस्ट सेबाहर हुए गौतम अडानी
हिंडनबर्ग ने हाल ही में गौतम अड़ानी के कारोबार के बारे में एक रिपोर्ट की है। इसमें गौतम अडानी के कामकाज पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस रिपोर्ट के आने के बाद अडाली ग्रुप के शेयर लगातार गिरे हैं। रिपोर्ट आने के एक हफ्ते के अंदर ही अडानी अमीरों की टॉप-20 लिस्ट से बाहर हो गए हैं।

अडानी ग्रुप को पिछले 10 दिनों में करीब दस लाख करोड़ रुपए का घाटा हो चुका है। विपक्ष ने इस मामले में जेपीसी के गठन की मांग कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।