
लखनऊ. समाजवादी पार्टी में विधायकों की बैठक के बाद अखिलेश यादव को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष नरेश उत्तम ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। नरेश उत्तम ने बताया कि विधायकों की बैठक के बाद सर्वसम्मति से अखिलेश यादव को विपक्ष का नेता चुन लिया गया है। शनिवार को लखनऊ से समाजवादी पार्टी कार्यालय में विधायकों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सपा विधायक अवधेश प्रसाद ने विधायक दल नेता चुनने के लिए अखिलेश यादव के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसरे बाद बैठक में मौजूद सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से अखिलेश को नेता चुना।
विधायक दल के नेता बनने के बाद अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति में विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। हालांकि समाजवादी पार्टी के सामने भारतीय जनता पार्टी को घेरने के लिए कई चुनौतियां होंगी। इन चुनौतियों को पार करना अखिलेश यादव के लिए आसान नहीं होगा।
इन चनौतियों का करना होगा सामना
-संगठन व सहयोगी दल को मजबूत करने की आवश्यकता
-शिवपाल सिंह यादव के साथ रिश्ते सामान्य बनाना
-बीजेपी की कट्टर समर्थक विपक्ष के लिए चुनौती
-भाजपा छोड़ सपा में आए नेताओं के साथ सामंजस्य स्थापित करना आसान नहीं
-सपा का सोशल मीडिया मैनेजमेंट मबजूत करना
चुनाव बाद फिर चाचा भतीजे में तकरार
विधानसभा चुनाव में एक साथ आए अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव ने फिर से खटास महसूस की जा रही है। शनिवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय में विधायकों की बैठक में शिवपाल सिंह यादव को नहीं बुलाया गया है। शिवपाल सिंह यादव ने बयान दिया है कि मुझे समाजवादी पार्टी की बैठक में आमंत्रण नहीं दिया गया। मैं समाजवादी पार्टी का विधायक हूं लेकिन फिर भी मुझे नहीं बुलाया गया। शिवपाल सिंह यादव के बयान के बाद से एक बार फिर से अखिलेश यादव शिवपाल के बीच खटास महसूस की जा रही है।
Updated on:
26 Mar 2022 02:21 pm
Published on:
26 Mar 2022 02:18 pm
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