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UP Politics: ईद पर अखिलेश का हमला, कानून व्यवस्था पर सवाल और 2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा

Akhilesh Yadav Targets BJP on Law & Order: लखनऊ में ईद के मौके पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था, अपराध और 2027 चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया, साथ ही भाईचारे का संदेश दिया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 21, 2026

त्योहारों से राजनीति तक: अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला, कानून व्यवस्था और 2027 चुनाव पर दिए बड़े बयान (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

त्योहारों से राजनीति तक: अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला, कानून व्यवस्था और 2027 चुनाव पर दिए बड़े बयान (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Politics BJP vs SP: राजधानी लखनऊ में ईद के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने जहां एक ओर लोगों को त्योहार की शुभकामनाएं दीं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश और देश की राजनीति को लेकर कई बड़े बयान दिए। उन्होंने होली और ईद के जरिए सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया, लेकिन साथ ही कानून व्यवस्था, राजनीतिक हालात और आगामी चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा।

होली और ईद से दिया भाईचारे का संदेश

अखिलेश यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत हाल ही में बीते होली पर्व का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा, “अभी कुछ दिन पहले ही हम लोगों ने होली का त्योहार मनाया था, उसमें हम लोगों ने मिलकर गुजिया बांटी थी।” उन्होंने आगे कहा कि अब ईद का त्योहार आया है, जहां लोग एक बार फिर गले मिल रहे हैं। “आज एक और त्योहार आया है ईद का, जहां हम लोग फिर गले मिले हैं।” उनके इस बयान को सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब को बढ़ावा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार इसे नियंत्रित करने में विफल रही है। उन्होंने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री जहां से कई बार चुने गए हैं, वहां एक छात्र ने छात्र को मार दिया, खुलेआम गोलियां चल रही हैं।”इसके साथ ही उन्होंने Gorakhpur का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी अवैध गतिविधियां सामने आई हैं। “इससे पहले गोरखपुर में भी गोरखधंधा होते देखा, पूरे प्रदेश में कोई कानून व्यवस्था नहीं बची है।” उनके इन बयानों से साफ है कि वह कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

ममता बनर्जी के समर्थन में बयान

राजनीतिक चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के समर्थन में भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “सच्चाई ये है कि ममता बनर्जी जी अकेली भी लड़ेंगी तो वह जीत जाएंगी।”उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी अकेले ही सभी राजनीतिक दलों का मुकाबला कर रही हैं। यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता की संभावनाओं की ओर भी इशारा करता है।

‘बांटी-चोखा’ कार्यक्रम का जिक्र, सरकार पर निशाना

अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘बांटी-चोखा’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया और इसे लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब ऐसा कार्यक्रम दोबारा आयोजित करना संभव नहीं होगा।उन्होंने आरोप लगाया, “राजधानी में अब दोबारा बांटी-चोखा की दावत नहीं हो पाएगी, चुटिया पकड़कर खींच लिया गया, कितना अपमानित हुए बताइए।” उनका यह बयान राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हस्तक्षेप के आरोपों को उजागर करता है।

2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा

अखिलेश यादव ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले चुनाव में इसका असर साफ दिखाई देगा। उन्होंने कहा, “2027 में बड़ी शपथ होने जा रही है, भाजपा का अब कुछ चलने वाला नहीं है।” उनके इस बयान को चुनावी तैयारी और आत्मविश्वास के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

त्योहारों के बहाने राजनीतिक संदेश

ईद के मौके पर दिए गए इन बयानों में जहां एक ओर सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश था, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक रणनीति भी साफ नजर आई। अखिलेश यादव ने त्योहारों के जरिए जनता से जुड़ने की कोशिश की और साथ ही सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

जनता से जुड़ने की कोशिश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव लगातार जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। त्योहारों के अवसर पर इस तरह के बयान देकर वह एक व्यापक संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं, जिसमें सामाजिक एकता और राजनीतिक विरोध दोनों शामिल हैं।