उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा नेता राम मंदिर के निर्माण को लेकर बयान देने से नहीं चुकते है। जबकि उनके बयान को लेकर कांग्रेस, सपा और बसपा, भाजपा पर हमला कर उनका विरोध करते हैं। भाजपा के मंदिर मुद्दे पर आए बयान को मुद्दा बनाकर मुस्लिम वोटर्स को रिझाने की पूरी कोशिश शुरू हो जाती है। जिसका फायदा भी उन्हें मिलता है। लेकिन इस बार का समीकरण थोड़ा अलग होने वाला है। क्योंकि भाजपा ने विकास का मुद्दा लेकर उत्तर प्रदेश में उतरने का प्लान बनाया है। अपनी इसी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी हर सभा में राम और मंदिर की जगह विकास की बात करते हैं। मोदी सरकार अयोध्या में मंदिर की जगह म्यूजियम बनाने की बात करती है, लेकिन मंदिर पर कोई बात नहीं करती। में पीएम नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर को एम्स और खाद कारखाने की सौगात दी है। वहीं कांग्रेस समेत सभी पार्टी अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का बखान करने से नहीं थकते और एक दूसरे पर हमला तो मानो उनका मूल मंत्र है।