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लखनऊ में आजम खान ने मुख्तार अंसारी के बड़े भाई से की मुलाकात, बोले- कट्टा बेचने वाला बेटा विधायक; कानून व्यवस्था मजबूत

Lucknow News: लखनऊ में आजम खान ने मुख्तार अंसारी के बड़े भाई से मुलाकात की और राजनीतिक हालात पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कट्टा बेचने वाला अब विधायक बन गया है और कानून व्यवस्था यहाँ बेहद मजबूत है।

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लखनऊ

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Mohd Danish

Nov 06, 2025

azam khan mukhtar ansari meeting lucknow remarks cutta seller son mla

लखनऊ में आजम खान ने मुख्तार अंसारी के बड़े भाई से की मुलाकात | Image Source - 'FB' @AbdullahAzamKhan

Azam Khan Mukhtar Ansari meeting lucknow: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान गुरुवार को माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बड़े भाई व पूर्व विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी उनसे मिलने पहुंचे।। इस मुलाकात में पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि ऐसे मिलन अक्सर स्थानीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक समीकरणों में ताज़ा हलचल लाते हैं।

मीडिया के सवालों पर आजम के तीखे जवाब

मीडिया ने आजम खान से उनके लखनऊ में होटल में ठहरने और जमीन-जायदाद के मुद्दे पर सवाल किए, तो आजम ने कहा कि 50 साल की सियासत के बावजूद उनकी कोई कोठी लखनऊ में नहीं है, इसलिए उन्हें होटल में रहना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि जिनके ऊपर माफिया के आरोप लगते हैं, वे अक्सर वही लोग होते हैं जिनके पास असल संसाधन और संरक्षण होता है। आजम ने अपनी ज़िन्दगी के ठहराव और राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए खुद को ‘भू‑माफिया’ कहे जाने के आरोपों से इनकार किया।

कट्टा बेचने वाले का बेटा विधायक बन गया

आजम खान ने बिहार में चल रहे कट्टा (हथियार) विवादों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी समझ में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कट्टा बेचने वाले का बेटा आज विधायक बन गया है और उसे कमांडो तक सौंप दिए गए। उन्होंने 1975 के समय के एक मामले का ज़िक्र करते हुए कहा कि किस तरह हथियारों के साथ गिरफ्तारी से जुड़े लोग राजनीतिक मंच तक पहुँच गए और उनकी संतति अब सत्ता में है। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने हथियार, तनातनी और राजनीतिक संरक्षण के बीच के संबंध की ओर इशारा किया।

बिहार को ‘जंगलराज’ बताने पर खुद को अलग ठहराया

आजम खान ने कहा कि वे बिहार को ‘जंगलराज’ कहे जाने की भाषा का समर्थन नहीं करते, लेकिन उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि जिस तरह के सुरक्षा और हथियार संबंधी माहौल को लेकर उन्हें चिंता है, वे स्वयं बिहार जाकर प्रचार नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि जिनके पास हथियार और संरक्षण है, वही उस ‘जंगल’ तक पहुँचते हैं और उनके पास वैसी सुरक्षा नहीं है। साथ ही यह टिप्पणी एक तरह से चुनावी माहौल और वहां की सुरक्षा चुनौतियों पर चिंता का इजहार भी थी।

गिरिराज‑बयान पर आजम की तीखी प्रतिक्रिया

गिरिराज सिंह के बुर्का‑संबंधी और पहचान पर दिए गए बयान पर आजम ने कहा कि बिहार पाकिस्तान नहीं है और ऐसे बयान बेवजह के हैं। उन्होंने इस तरह की टिप्पणियों को बेहद सरलता से लेते हुए कहा कि मासूम लोगों की तरह ऐसे विचारों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए, वह इन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। आजम का यह पलटवार सीधे तौर पर पहचान, धर्म और राजनीति के संवेदनशील बिंदुओं पर था।

सत्ता को लेकर नीतिगत रुख और नम्रता का इशारा

जब उनसे पूछा गया कि अगर NDA या किसी और गठबंधन की सरकार बनती है तो वे क्या प्रतिक्रिया देंगे, तो आजम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी सत्ता में आएगा, वे उसे सलाम करेंगे। उन्होंने कहा कि वे दबे‑कुचले और लुटे हुए महसूस करते हैं और उनकी राजनीति का केंद्र जनता के हितों से जुड़ा है, अतः वे सत्ता के नतीजे सम्मान के साथ स्वीकार करेंगे।

खुद को ‘भू‑माफिया’ कैसे माना जाए - आजम का तर्क

आजम खान ने जोर देकर कहा कि अगर वे सचमुच भू‑माफिया होते तो लखनऊ में उनकी निजी जमीन‑जायदाद होती। उन्होंने अपने शैक्षिक संस्थान और सामाजिक कामों का हवाला देते हुए कहा कि 50 साल से राजनीति करने के बावजूद उनकी कोई भव्य संपत्ति नहीं है। आईटी रेड के दौरान मिली नगदी और सोने के अंश जैसे तथ्यों का हवाला देते हुए उन्होंने आरोपियों के दावों को खारिज किया और कहा कि उनके खिलाफ जो भी कार्रवाई हुई, वह पारदर्शी नहीं रही।