
सपा नेता आजम खान ने बुधवार को मानहानि मामले में पेशी के लिए बांद्रा कोर्ट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए मोहन भागवत के मुसलमान वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा "उनके मशवरे का बहुत-बहुत शुक्रिया”।
आजम खान ने कहा कि सभी की अपनी- अपनी सोच है, अपनी-अपनी विचारधारा है। संविधान में सभी को अपनी राय रखने का अधिकार है। जो कुछ उन्होंने अच्छी बात कही इसके लिए उनका धन्यवाद। ये उनका का विचार है।
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5 महीनों तक 10 बाई 10 के कमरे में था बंद
जब सपा नेता आजम खान से उनके पुराने तीखी प्रतिक्रिया पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मिशाल के तौर पर आपको कौन सा बयान याद है। मैं बीमार हूं। जब मैं जेल में बंद था तो मुझे कोरोना हो गया था। मैं 5 महीनों तक 10 बाई 10 के कमरे में बंद था। कमरे के बाहर पुलिस का पहरा था। मेरी पत्नी और बच्चे एक कमरे में आइसोलेट थे। मुझे दाल और सड़ी रोटी खाने को मिलती थी। तो आवाज कहां रह जाएगी। मैंने पहले भी कहा था और अब भी कह रहा हूं जिंदा हूं तो जिंदा हूं”।
मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं है: मोहन भागवत
मोहन भागवत समाचार पत्र ‘पांचजन्य’ से बात करते हुए कहा, “भारत में रह रहे मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं है। इस्लाम को कोई खतरा नहीं है। मुसलमानों को खुद को सर्वश्रेष्ठ बताने वाली गलत बयानबाजी छोड़ देनी चाहिए। सीधी सी बात है हिंदुस्तान को हिंदुस्तान ही रहना चाहिए।”
इसके आगे उन्होंने कहा कि “हम एक महान नस्ल के हैं। हमने एक दौर में इस देश पर राज किया था और हम फिर से उस पर राज करेंगे। सिर्फ हमारा रास्ता सही है, बाकी सब गलत हैं। हम अलग हैं, इसलिए हम ऐसे ही रहेंगे। हम साथ मिलकर नहीं रह सकते। मुसलमानों को इस अवधारणा को छोड़ देना चाहिए। यहां रहने वाले सभी लोगों को, चाहे वे हिंदू हों या वामपंथी, इस भाव को त्याग देना चाहिए।”
Updated on:
12 Jan 2023 10:15 am
Published on:
12 Jan 2023 10:11 am
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