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आंखों के ऑपरेशन वाले मरीज दे ध्यान, चार दिन पहले बंद ही बंद हो सकती है सर्जरी, जाने वजह

डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर के चलते मेडिसिन ही नहीं बल्कि कई विभाग के वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जाता है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Nov 04, 2023

  डाक्टर, नर्स और  फार्मासिस्टों  ड्यूटी चार्ट तैयार

डाक्टर, नर्स और फार्मासिस्टों ड्यूटी चार्ट तैयार

बलरामपुर अस्पताल में दिवाली से चार दिन पहले आंखों के ऑपरेशन बंद किये जा सकते हंै। बताया जा रहा है कि दीपावली पर हादसों और आतिशबाजी से हताहत बड़ी संख्या में मरीजों की भर्ती को ध्यान में रखते हुए बेडों की किल्लत दूर करने के लिए यह फैसला लिया गया है। यहां तक कि यह भी कहा जा रहा है कि इससे भी कमी दूर नहीं हुई तो जनरल सर्जरी के लिए लम्बे समय का इंतजार करना पड़ सकता है। उन्हें वेटिंग मिल सकती है।

एक बेड पर दो मरीज , इमरजेंसी फुल

बलरामपुर अस्पताल में 776 बेड पर मरीजों की भर्ती होती हैं। इसमें करीब सवा सौ इमरजेंसी बेड भी शामिल हैं। इमरजेंसी के साथ ही जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन, यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी, आइ सी सी यू, नाक कान गला रोग, नेफ्रोलॉजी, डायलिसिस यूनिट, प्लास्टिक सर्जरी, बर्न यूनिट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, चेस्ट डिपार्टमेंट, टीबी एंड चेस्ट रोग, अस्थि रोग, स्किन एवं वीडी, नेत्र रोग, कुष्ठ रोग, बाल रोग, एनआइसीयू, रेडियोलॉजी, मनोरोग आदि कई चिकित्सा सेवाएं संचालित हैं, लेकिन पिछले दो माह से डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर के चलते मेडिसिन ही नहीं बल्कि कई विभाग के वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जाता है। अक्सर मरीजों से इमरजेंसी फुल हो जाती है और स्ट्रेचर ही नहीं मिलते। एक बेड पर दो मरीज भर्ती किये गये।

डाक्टर, नर्स और फार्मासिस्टों ड्यूटी चार्ट तैयार

वर्तमान में मरीजों की भर्ती संख्या 85 प्रतिशत से अधिक है। पिछले कई वर्षों पर दीपावली पर हादसों और आतिशबाजी से हताहत हुए बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हुए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने बेडों की किल्लत दूर करने में जुटा है। डाक्टर, नर्स से लेकर फार्मासिस्टों तक का ड्यूटी चार्ट तैयार हो रहा है।

नेत्र रोग विभाग डेंगू मरीज

अस्पताल के निदेशक डॉ. एके सिंह के मुताबिक दीपावली के मद्देनजर अगर अस्पताल में बिस्तरों की ज्यादा कमी देखी जाएगी तो चार दिन पहले ही आंखों के ऑपरेशन बंद कर दिये जाएंगे। नेत्र रोग विभाग के दो वार्ड में करीब दो महीने से डेंगू के मरीज भर्ती किये जा रहे हैं, वहां अक्सर हाउसफुल की स्थिति बनी रहती है।