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फर्जी फर्म बनाकर ऑनलाइन ठगी के पैसों का लेनदेन करता था इस बैंक का मैनेजर, गिरफ्तार

लखनऊ की साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक बैंक मैनेजर भी शामिल है।
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फर्जी बैंक मैनेजर समेत तीन गिरफ्तार, PC-IANS

लखनऊ : लखनऊ की साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने बड़ा खुलासा किया है। टीम ने फर्जी कंपनियां बनाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें इंडसइंड बैंक का डिप्टी ब्रांच मैनेजर भी शामिल है।

पकड़े गए आरोपियों के नाम उत्तम विश्वास, उमाकांत वर्मा और राजीव विश्वास हैं। ये लोग मिलकर देश के कई राज्यों में ऑनलाइन ठगी के पैसों को फर्जी फर्मों के खातों में ट्रांसफर करवाते थे।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति, उमाकांत एवं राजीव विश्वास, अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी कर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।

बना रखी थी यह फर्म

पूछताछ में उमाकांत ने बताया कि वे अपनी फर्जी फर्म आकाश रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स प्रा. लि. के नाम से खाता खुलवाने की योजना बना रहे थे। आगे पूछताछ में उमाकांत ने स्वीकार किया कि वह वास्तविक रूप से रियल एस्टेट का कार्य नहीं करता, बल्कि विभिन्न नामों से फर्जी फर्म बनाकर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाता है, जिनके माध्यम से करोड़ों रुपए की साइबर ठगी की जाती है।

उसने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में उत्तम विश्वास, जो इंडसइंड बैंक चिनहट, लखनऊ में डिप्टी ब्रांच मैनेजर हैं, सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं। उमाकांत ने बताया कि अब तक ठगी की रकम में से लगभग 20 करोड़ रुपए में से 10-20 प्रतिशत कमीशन के रूप में उत्तम विश्वास को दिए गए हैं, जिनमें से 1 लाख गूगल पे से तथा 7-8 लाख नकद दिए गए।

गुडम्बा थाना क्षेत्र का मामला

उक्त सूचना पर टीम ने कुर्सी रोड स्थित किरन एन्क्लेव पहुंचकर उत्तम विश्वास को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम उत्तम कुमार विश्वास पुत्र सुभाष कुमार विश्वास (उम्र 44 वर्ष) निवासी 843, किरन एन्क्लेव, थाना गुडम्बा, लखनऊ बताया तथा अपराध में संलिप्तता स्वीकार की।

अब तक की जांच में सामने आया है कि सिर्फ तीन खातों के जरिए करीब छह करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ और इस गिरोह ने दस फर्जी फर्मों के नाम पर खाते खुलवाए थे। बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, हरियाणा समेत सात राज्यों में 40 से ज्यादा साइबर ठगी के मामलों में इन खातों का इस्तेमाल हुआ है।

पुलिस ने तीनों के कब्जे से 30,000 नकद, छह एटीएम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया है। फिलहाल, तीनों के खिलाफ साइबर थाना लखनऊ में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

(Source -IANS)

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