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पंचायत चुनाव 2026: पिछली बार से कैसे अलग इस बार का इलेक्शन? वो बड़े फैसले जो लगाएंगे फर्जी वोटिंग पर लगाम

Panchayat Chunav 2026 Update: जानिए, पिछली बार से इस बार का पंचायत चुनाव कैसे अलग होगा? कौन से फैसले फर्जी वोटिंग पर लगाम लगाएंगे?

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लखनऊ

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Harshul Mehra

Jan 10, 2026

panchayat chunav 2026 how this election different from last one big decisions that curb fake voting

पिछली बार से कैसे अलग इस बार का पंचायत चुनाव 2026? फोटो सोर्स-AI

Panchayat Chunav 2026 Update: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने SIR के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़े-बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। फर्जी वोटर्स पर लगाम लगाने के लिए इस बार बड़े फैसले लिए गए हैं।

फर्जी वोटिंग रोकने के लिए 2 बड़े फैसले

फर्जी वोटिंग रोकने के लिए 2 बड़े फैसले सरकार हाल ही में लिए हैं। इनमें से एक है स्टेट वोटर नंबर (State Voter Number) और दूसरा है फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (Facial Recognition System)। पहले आपको इन दोनों के बारे में बताते हैं।

क्या है स्टेट वोटर नंबर

स्टेट वोटर नंबर (State Voter Number): आयोग ने फैसला लिया है कि प्रदेश के हर पंचायत मतदाता को एक यूनिक ‘स्टेट वोटर नंबर’ दिया जाएगा। यह नंबर मतदाता की पहचान को पूरी तरह विशिष्ट बनाएगा और मतदाता डेटा के प्रबंधन में होने वाली गलतियों की गुंजाइश खत्म करेगा। इसके लागू होने से एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज होने जैसी समस्याओं पर प्रभावी तरीके से रोक लग सकेगी।

फर्जी मतदान पर पूरी तरह अंकुश लगेगा

फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (Facial Recognition System): चुनाव प्रक्रिया में इस बार अब तक का सबसे बड़ा बदलाव ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम’ के रूप में सामने आएगा। इस नई तकनीक के लागू होने से मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की पहचान उनके चेहरे के जरिए की जाएगी। आयुक्त आरपी सिंह ने साफ कहा है कि इस व्यवस्था से फर्जी मतदान पर पूरी तरह अंकुश लगेगा। अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे के नाम पर वोट डालने की कोशिश करेगा, तो सिस्टम तुरंत उसकी पहचान कर लेगा और वह पकड़ में आ जाएगा।

UP: पिछली बार से कैसे अलग होगा इस बार का पंचायत इलेक्शन?

बता दें कि इस बार उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले 500 नई ग्राम पंचायतों का गठन किया जाएगा। साथ ही 75 नए ब्लॉक भी बनाए जाएंगे। इसके बाद इन नए ब्लॉकों में अलग-अलग ब्लॉक प्रमुखों का चुनाव होगा।

पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों की माने तो पंचायतों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिन ग्राम पंचायतों की आबादी ज्यादा हो चुकी है, उन्हें विभाजित कर नई पंचायतें बनाई जाएंगी। नियम के मुताबिक, एक ग्राम पंचायत में कम से कम 1000 की आबादी होना जरूरी है। इसी आधार पर करीब 500 नई ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आएंगी।

2021 के पंचायत चुनाव के समय उत्तर प्रदेश में 58,189 ग्राम पंचायतें और 826 ब्लॉक थे। इसके बाद नगरीय निकाय चुनाव के दौरान सरकार ने 107 नई नगर पंचायतें बनाई थीं, जिसके चलते 494 ग्राम पंचायतें शहरी सीमा में शामिल हो गईं। वर्तमान में प्रदेश में 57,695 ग्राम पंचायतें रह गई हैं।

नए ब्लॉक बनने के बाद प्रदेश में ब्लॉकों की संख्या बढ़ेगी

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने साल 2022 में 75 नए ब्लॉक बनाने की घोषणा की थी। उनका तर्क था कि कई ब्लॉक बहुत बड़े हैं, जिससे विकास कार्यों में दिक्कत आती है। नए ब्लॉक बनने के बाद प्रदेश में ब्लॉकों की संख्या 826 से बढ़कर 901 हो जाएगी।