
विलय के विरोध में इन जरूरी दिनों पर बंद रहेंगे बैंक, निपटा लें सारे काम नहीं तो हो जाएगी परेशानी
लखनऊ. देश की अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने पिछले महीने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय की घोषणा की थी। सरकार के इस फैसले के विरोध में बैंकिंग सेक्टर के अलग-अलग ट्रेड यूनियन 25 सितंबर से चार की हड़ताल करेंगे। साथ ही बैंक यूनियनों ने बैंकों के एकीकरण की इस योजना के खिलाफ नवंबर के दूसरे सप्ताह से भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की भी धमकी दी है।
बैंकिंग सेक्टर के चार ट्रेड यूनियन संगठनों ने 25 सितंबर की आधी रात से 27 सितंबर की मध्यरात्रि हड़ताल बुलाई है। यानी कि 26 व 27 सितंबर को आम लोगों के बैंकिंग से जुड़े कामकाज प्रभावित होंगे। इसके बाद 28 सितंबर को महीने का चौथा सप्ताह है। इस दिन शनिवार होने से बैंक बंद रहेगा। इसके बाद 29 को रविवार है। इस तरह बैंक लगातार चार दिनों तक बंद रहेंगे।
इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) को भेजे गए नोटिस में अधिकारियों की यूनियनों ने कहा कि उनका बैंकिंग क्षेत्र में विलय के खिलाफ हड़ताल पर जाने का प्रस्ताव है। यूनियन के नेता ने ये भी कहा कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से बैंक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।
बैंक यूनियन की मांग
आल इंडिया बैंक आफिसर्स कनफेडरेशन (एआईबीओसी), आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए), इंडियन नेशनल बैंक आफिसर्स कांग्रेस (आईएनबीओसी) और नेशनल आर्गेनाइजेशन आफ बैंक आफिसर्स (एनओबीओ) ने संयुक्त रूप से हड़ताल का नोटिस दिया। इसके अलावा बैंक यूनियनों की पांच दिन का सप्ताह करने और नकद लेनदेन के घंटों और विनियमित कार्य घंटों को कम करने की भी मांग है। उनकी मांग है कि मौजूदा प्रतिक्रियाओं में बाहरी एजेंसियों का हस्तक्षेप रोका जाए। सेवानिवृत कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों को सुलझाने, पर्याप्त भर्तियां करने, एनपीसी को खत्म करने और उपभोक्ताओं के लिए सेवा शुल्क कम करने की मांग की है।
इन बैंकों के विलय की घोषणा
सरकार के फैसले के लागू होने के बाद चार नए बैंक अस्तित्व में आ जाएंगे। मतलब ये कि छह नए बैंकों का दूसरे बैंकों में विलय हो जाएगा। इसके तहत यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक का विय पंजाब नेशनल बैंक में होगा। बीते 5 सितंबर को पीएनबी के निदेशक मंडल ने विलय को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे भी दी।
इसी तरह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक विलय से एक हो जाएंगे। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के निदंशक मंडल मे भी इस विलय को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा सिंडेकट बैंक का विलय केनरा बैंक और इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में होगा।
20 सितंबर को संसद के बाहर धरना
नौ बैंक कर्मचारियों यूनियनों के मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने सरकार के दस सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय कर चार बैंक बनाने के फैसले के खिलाफ 20 सितंबर को संसद के बाहर धरना देने की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के एकीकरण की घोषणा की थी। यूएफबीयू ने कहा,‘‘हम इस विलय की घोषणा का विरोध करते हैं।
Updated on:
13 Sept 2019 04:51 pm
Published on:
13 Sept 2019 12:48 pm
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