
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले के देवा थाना क्षेत्र के हर्रई गांव में स्थिति आश्रम में साल 2016 के चर्चित दुष्कर्म के मामला में बुधवार को बड़ा फैसला सामने आया है। बाराबंकी में निसंतान महिलाओं को बच्चा पैदा करवाने की गारंटी देकर उनके साथ लाल कपड़े में यौन शोषण करने वाले बाबा परमानंद उर्फ रामशंकर तिवारी समेत 3 आरोपियों को अपर जिला जज (एडीजे) अशोक कुमार यादव ने दोषमुक्त करार दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि अपने बयान और घटना से मुकरने वाली महिला और उसके पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाये। वहीं बाबा परमानंद के खिलाफ दो मामलों के कोर्ट में चलने की वजह से फिलहाल अभी उन्हें जेल की सलाखों से ही रहना पड़ेगा।
साल 2016 का था ये चर्चित मामला
बता दें यह ढोंगी बाबा निसंतान महिलाओं को बच्चे पैदा करने का दावा कर उनका यौन शोषण करता था। इतना ही नहीं यह उन महिलाओं की वीडियो क्लिप बनाकर उन्हें ब्लैकमेल और शोषण किया करता था। बाबा की इस काली करतूत का भंडाफोड़ तब हुआ जब एक पीडिता ने एक सेक्स क्लिपिंग को सोशल मीडिया पर शेयर किया था।
पुलिस के मिले थे कई अन्य अश्लील वीडियो
इसके बाद पुलिस ने बाबा की खिलाफ मामला दर्जकर जब उसके आश्रम पर छापा मारा तो कई अन्य अश्लील वीडियो भी सामने आये थे। पुलिस ने बाबा परमानंद को सतना के मित्तई इलाके से पकड़ा था। साथ ही उसके करीबी शिष्य अरविन्द की गिरफ्तारी हुई थी।
बेटा होने का लालच देकर बनाया शिकार
अभियोजन पक्ष के अनुसार एक महिला ने थाने में तहरीर देकर कहा था कि उसके गांव में मां काली दरबार आश्रम का संचालन करने वाले बाबा महिलाओं को पुत्र देने का दावा करते हैं। करीब चार पहले वो तांत्रिक बाबा से मिली और उन्होंने का कहा कि तुम्हारी 5 बेटियां हैं कुछ धन खर्च करो तुम्हारे यहां बेटा पैदा होगा। फिर बाबा को 25 हजार रुपये दिए।
महिला ने लगाया था दुराचार का आरोप
जब इसने बात नहीं बनी तो बाबा ने कहा कि बड़ी पूजा करनी हो इसके लिए 50 हजार रुपये का खर्च आएगा। इसके बाद महिला 18 अप्रैल 2016 को रात 9 बजे बाबा से मिली और कहा कि आपने 75 हजार रुपये ठग लिऐ हैं। लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ बाबा जी। महिला का आरोप था कि इस पर बाबा ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसके कपड़े फाड़ दिये। साथ ही उसने जान से मारने की धमकी तक दे डाली। कुछ कारण की वजह से पीड़िता ने शिकायत दर्ज नहीं कराई। लेकिन महिला ने 22 मई 2016 को थाने में तहरीर दी। जो अपराध अंक 153/16 पर थाना देवा में भादस की धारा 376 ,511, 307, 419, 420, 423, 504, 506 के तहत तांत्रिक बाबा व संजय के खिलाफ दर्ज हुई थी।
गवाहों के मुकरने से बाबा परमानंद हुए बरी
इस मामले में सिविल कोर्ट के सरकारी अधिवक्ता सुनीत अवस्थी ने बताया कि चर्चित कांड में बाबा परमानंद केस के गवाह महिला 164 के बयान में न्यायालय के सामने मुकर गई और उसका पति ने इस घटना से अनभिज्ञता जताई है। आरोप था कि बाबा परमानंद ने 75 हजार रुपये लेकर पुत्र प्राप्ति करवाने का दावा किया था। जिसके बाद महिला ने दुराचार समेत कई मामलों में मुकदमा दर्ज करवाया था। लेकिन कोर्ट के सामने महिला समेत सभी गवाह मुकर गए। जिससे बाबा परमानंद उर्फ रामशंकर तिवारी और इनके दोनों साथियों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।
Published on:
16 Feb 2022 08:02 pm
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