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Cyber Crime : फर्जीवाड़ा करने के लिए ये ट्रिक अपनाते हैं साइबर ठग, इनसे रहें बचके

Cyber Crime : साइबर क्रिमिनल आपसे पैसा ऐंठने के लिए लगातार नई योजनाएं बनाते रहते हैं। कई बार वह आपको कुछ ऑफर में या सस्ता देने का लालच भी देते हैं और आपके द्वारा की गई शिकायतों को हैक कर आपको चपत लगाते हैं। साइबर जालसाज आपदा का बहाने भी आपको सेंध लगाने की कोशिश करते हैं। इसलिए जरूरी हो जाता है कि सावधानी बरती जाए और किसी भी मौके पर फैसला समझदारी से लिया जाये।

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लखनऊ

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Amit Tiwari

Jan 06, 2022

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लखनऊ. Cyber Crime से जुड़े अपराधियों की एक अपनी ही दुनिया है। जिसके तहत साइबर अपराधी आपसे से पैसा ठगने के लिए लगातार नई-नई योजनाएं बनाते रहते हैं। इन तरकीबों में बुलिंग, ईमेल स्पैम, फिशिंग और ऑनलाइन घोटालों से लेकर आपके पहचान पत्र की चोरी, वेब पर गैरकानूनी और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने और चाइल्ड पोर्नोग्राफी तक पहुंचने या अपलोड करने जैसी कई चीजें शामिल हैं। इसके अलावा कई बार वह आपदा का बहाना बनाकर भी आपसे पैसा ऐंठने की कोशिश करते हैं। इन साइबर फ्रॉड (Cyber Crime) से बचने के लिए सावधानी बहुत ही जरूरी हो जाती है। आपकी थोड़ी से साइबर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर सकती है। आइये हम आपको बतातें है कि साइबर क्रिमिनल के हथकंडों से कैसे बचा जा सकता है।

ग्राहकों के कई तरीकों से धोखा देते हैं Cyber ठग

साइबर अपराध के जरिए किसी भी तरह के फ्रॉड से बचने के लिए उनके तरीकों के बारे में जानना बहुत ही जरूरी हो जाता है। अक्सर यह देखा गया है कि साइबर के जरिए ठगी करने वाले ठग उपभोक्ता को प्रमुख रूप से चार तरह से धोखा देते है। आइए हम आपको को साइबर ठगों के उन चार तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे, ताकि आप इस ठगी का शिकार न हो सकें।

यूपीआई (UPI) के जरिए करते हैं ठगी

सबसे पहले हम आपको को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) के बारे में बतायेंगे। यूपीआई (UPI) के माध्यम से किसी को भी पैसा भेजा या आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। जालसाज लोगों को पैसे देने का लालच देकर एक ‘रिक्वेस्ट मनी’ लिंक भेजता है और जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है और अपना पिन यह सोचकर डालता है कि उसे पैसे मिलेंगे, उसके खाते से ही पैसा काट लिया जाता है। आपको इससे बचने के लिए उस रिक्वेस्ट को तुरंत हटा देना चाहिए। इसके साथ ही किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने की गलती भी न करें।

क्विक रिस्पॉन्स कोड (QR) का भी करते हैं इस्तेमाल

साइबर क्रिमिनल क्विक रिस्पांस कोड (QR) के जरिए भी उपभोक्ताओं को ठगने का काम करते हैं। जालसाज द्वारा इसके माध्यम से मोबाइल पर एक क्यूआर (QR) कोड भेजा जाता है और जब व्यक्ति क्यूआर कोड लिंक पर क्लिक करता है तो ठग उसके मोबाइल फोन के कोड को स्कैन कर उसके बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं।

वाट्सऐप पर कॉल कर भी करते हैं ठगी

जालसाज वाट्सऐप पर कॉल के जरिए भी ठगी का काम करते हैं। इसके लिए आपको पर आ रही कॉल से भी सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि कॉलर आपको धोखा दे सकता है और आपका नंबर ब्लॉक कर सकता है। कई यूजर्स ने बताया है कि उन्हें अनजान नंबरों से वाट्सऐप पर वीडियो कॉल आ रहे हैं और यूजर द्वारा कॉल रिसीव करने के बाद, स्क्रीन एक न्यूड लड़की का वीडियो दिखाती है और फिर कॉल डिस्कनेक्ट हो जाती है। इतना ही नहीं फोन कटने के बाद ये साइबर अपराधी वीडियो के स्क्रीनशॉट भेजकर बदले में पैसे मांगते हैं। यह मामला पूरी तरह से ऑनलाइन जबरन वसूली का है।

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आपदा के लिंक पर भूलकर भी न करें क्लिक

कोरोना वायरस से जुड़े किसी भी लिंक पर क्लिक सोच-समझकर ही करें। साइबर अपराधी वर्तमान समय में आपदा का फायदा उठाने के लिए लिंक भेज रहे हैं।

सस्ती स्कीम का ऑफर दे करते हैं ठगी

साइबर क्रिमिनल आपको किसी मौजूदा स्कीम में सस्ता देने का लालच देते हैं। वह इस बात की भी फिराक में लगे रहते हैं कि कौन सी स्कीम या सेल चल रही है जिससे आपको उनकी बातों पर तुरंत से विश्वास हो जाए। इसलिए किसी ऑफर या सस्ता की बात से सावधान रहें और बिना पुष्टि के क्लिक न करें।

ऐसे बचा जा सकता है साइबर फ्रॉड से

सोशल मीडिया पर किसी भी अनचाहे ईमेल, एसएमएस या मैसेज में आए अटैचमेंट को खोलने या क्लिक करने से बचें। अगर भेजने वाले का पता है तो भी अटैचमेंट खोलने में अतिरिक्त सावधानी बरतें। ईमेल, वेबसाइट और अज्ञात ईमेल भेजने वालों में स्पेलिंग मिस्टेक्स से सावधान रहें। विभिन्न साइटों पर अपने पासवर्ड न दोहराएं और अपने पासवर्ड नियमित रूप से बदलें। उन्हें मुश्किल बनाइए। इसका मतलब है कि कम से कम 10 लेटर, नंबर्स और सिंबल के कॉम्बो का उपयोग करना चाहिए। पासवर्ड मैनेजिंग एप्लिकेशन आपके पासवर्ड को लॉक रखने में आपकी मदद कर सकता है।