
माध्यमिक शिक्षकों के तबादले: जून से इंतजार कर रहे थे अध्यापक, आखिरकार जारी हुई सूची (फोटो सोर्स : AI)
Big Teacher Transfer Shake-Up in UP: उत्तर प्रदेश के एडेड माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को आखिरकार राहत मिली है। बुधवार शाम माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 1549 शिक्षकों के तबादले की सूची जारी कर दी। इन शिक्षकों ने Offline आवेदन किया था और जून महीने से आदेशों की प्रतीक्षा में थे। विभाग ने विशेष परिस्थितियों में इन तबादलों को मंजूरी दी है।
राज्य के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में तबादले की प्रक्रिया इस वर्ष दो चरणों में शुरू की गई थी, ऑनलाइन और ऑफलाइन। जून माह में पहले चरण में ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर तबादले पूरे हो गए थे, लेकिन ऑफलाइन आवेदन करने वाले शिक्षकों की फाइलें विभागीय प्रक्रिया में अटक गईं। इस देरी से नाराज शिक्षकों ने कई बार माध्यमिक शिक्षा निदेशालय पर धरना दिया। उन्होंने मांग की कि जब ऑनलाइन तबादले किए जा सकते हैं, तो ऑफलाइन आवेदन करने वालों को भी न्याय मिलना चाहिए।
लंबे इंतजार से परेशान शिक्षकों ने आंदोलन का रास्ता चुना। कई शिक्षकों ने लखनऊ में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के सामने प्रदर्शन किया। पिछले सप्ताह अध्यापकों का एक बड़ा समूह माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी के आवास पहुंचा और वहां धरना दिया। शिक्षकों का कहना था कि विभाग ने उनके आवेदन स्वीकार कर लिए थे, लेकिन महीनों से आदेश जारी नहीं किए गए। धरने के बाद मंत्री ने तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऑफ लाइन आवेदन करने वाले शिक्षकों के मामले का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके बाद विभाग हरकत में आया और बुधवार शाम 1549 शिक्षकों की तबादला सूची जारी कर दी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, कुल 1641 शिक्षकों ने ऑफलाइन आवेदन किया था। इनमें से 1549 शिक्षकों के तबादले आदेश जारी कर दिए गए हैं। शेष शिक्षकों के आवेदन अपूर्ण कागजात, डुप्लिकेट ऑनलाइन आवेदन या पहले से स्थानांतरण हो जाने के कारण निरस्त कर दिए गए। विभाग के अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि एडेड माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के तबादले की सूची विभागीय वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। शिक्षक अपने नाम और नए विद्यालय की जानकारी वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
लंबे इंतजार के बाद तबादले होने से शिक्षकों में खुशी की लहर है। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, और बरेली सहित कई जिलों में शिक्षकों ने विभाग के निर्णय का स्वागत किया। शिक्षक संगठनों ने भी राहत की सांस ली है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री ने कहा कि विभाग ने अंततः न्यायपूर्ण निर्णय लिया है। जून से इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब अपने परिवार और गृह जनपद में लौटने का अवसर मिला है।
विभाग ने साफ किया है कि अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तबादले की पूरी प्रक्रिया सिर्फ ऑनलाइन होगी। इससे शिक्षकों को पारदर्शिता और सुविधा दोनों मिलेंगी। ऑनलाइन प्रक्रिया में आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड, सत्यापन और आदेश जारी, सभी चरण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूरे किए जाएंगे। इससे मानवीय त्रुटियां और देरी की संभावना कम होगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ऑफलाइन तबादलों में समय, दस्तावेजों की जांच और फाइल मूवमेंट में विलंब होता है। इसलिए अब से सभी तबादले डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ही किए जाएंगे।”
शिक्षकों की मांग थी कि जिनके आवेदन पहले से स्वीकार किए गए हैं, उन्हें सूची से बाहर नहीं किया जाए। विभाग ने उनकी मांग को मानते हुए ‘विशेष परिस्थिति’ का हवाला देकर आदेश जारी किए। गौरतलब है कि 2021 में भी इसी तरह की स्थिति बनी थी जब ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान कई शिक्षकों के तबादले रुके रह गए थे। तब भी धरनों और जनसंपर्क के बाद विभाग को आदेश जारी करने पड़े थे।
इस बार तबादलों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी सूचीबद्ध नाम माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं। विभाग का कहना है कि कोई भी शिक्षक या अभिभावक यह देख सकता है कि किस जिले से किस शिक्षक का तबादला किया गया है। इसके अलावा, शिकायतों के लिए एक विशेष ईमेल हेल्पडेस्क और ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल भी शुरू किया गया है, जिससे शिक्षक अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे।
तबादलों का असर शिक्षा की गुणवत्ता पर भी पड़ने वाला है। जिन विद्यालयों में वर्षों से एक ही शिक्षक तैनात थे, वहां अब नई ऊर्जा के साथ नए अध्यापक पहुंचेंगे। इससे शिक्षण में नयापन आएगा और छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। राज्य शिक्षा विभाग का कहना है कि तबादलों का उद्देश्य केवल कर्मियों की संतुष्टि नहीं, बल्कि संतुलित शिक्षण व्यवस्था स्थापित करना है ताकि हर जिले में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
Updated on:
06 Nov 2025 11:57 am
Published on:
06 Nov 2025 11:57 am
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