
DNA Poster Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तापमान बिल्ल्कुल मौसम के अनुसार ही हो गया है। समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं की बयानबाजी धीरे-धीरे पोस्टरबाजी में तब्दील हो रही है। आए दिन दोनों ही दल एक दूसरे के डीएनए को लेकर पोस्टर लगा रहे हैं और डीएनए बता रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंखयक मोर्चा के प्रदेश मंत्री जीशान खान अब मैदान में आ गए हैं।
जीशान खान ने सपा पर निशाना साधते हुए पोस्टर लगाया। शहर की सड़कों पर अखिलेश को निशाना बनाते हुए और भी विवादास्पद पोस्टर लगाए गए हैं। इनपर "खराब डीएनए" होने का आरोप लगाया गया और उनके पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव के खिलाफ उनके पिछले कार्यों का मजाक उड़ाया गया है।
भाजपा ने अपने पोस्टर में अखिलेश यादव से सवाल करते हुए कहा, “जो लोग बृजेश पाठक का डीएनए पूछ रहे हैं, उन्होंने अपने पिता को पार्टी से निकाल दिया। अपने पिता को घर से बेदखल कर दिया। उनके DNA में जरूर खोट है, इसलिए उन्होंने अपने पिता से पिता जैसा व्यवहार नहीं किया।”
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया सेल की तरफ से डिप्टी सीएम बृजेश पाठक पर की गई टिप्पणी की निंदा की। संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब यह पार्टी अपने विजन और मिशन से भटक चुकी है। पहले यह पार्टी कभी वंचितों और शोषितों की आवाज उठाने के लिए जानी जाती थी, लेकिन आज की तारीख में यह पार्टी अपने मूल उद्देश्यों से भटक चुकी है, जिसे जनता के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। यही कारण है कि इस पार्टी को आज सूबे की जनता ने सत्ता से बेदखल कर दिया।
उन्होंने समाजवादी पार्टी को दिग्भ्रमित बताया। कहा कि समाजवादी पार्टी का गठन जिन मूल्यों और सिद्धांतों के आधार पर हुआ था, आज यह पार्टी उन मूल्यों और सिद्धांतों से भटक चुकी है। समाजवादी पार्टी का मुख्य ध्येय शोषितों और वंचितों की आवाज उठाना था, लेकिन आज यह पार्टी अपने मूल्यों से भटक चुकी है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल के ‘X’ हैंडल से अभद्र पोस्ट किया गया था। बाद में उस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया लेकिन उसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर चर्चा में बना हुआ था। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव से भी गंभीर सवाल दागे थे।
वहीं भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश के ‘X’ से लिखा गया कि समाजवादी पार्टी ने अब राजनीतिक मर्यादाओं की सारी सीमाएं पार कर दी हैं। उसने अपने चेहरे से शर्म का आखिरी मुखौटा भी उतार फेंका है। पहले अखिलेश यादव के चाचा ने देश की शान, विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर घिनौनी जातिगत टिप्पणी की। जब प्रदेश के जनप्रिय उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस अमर्यादित टिप्पणी का विरोध किया, तो समाजवादी पार्टी अपनी सामंतवादी मानसिकता के तहत अत्यंत दूषित और आपत्तिजनक भाषा पर उतर आई।
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Updated on:
27 May 2025 06:13 pm
Published on:
27 May 2025 06:01 pm
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