
अटल को लेकर बीजेपी की सबसे बड़ी प्लानिंग का खुलासा, मोदी-योगी ने मिलकर खेला सबसे बड़ा दांव
हरिओम द्विवेदी
लखनऊ. स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से देश भर में शोक की लहर है। निधन के सात दिन बाद भी सोशल मीडिया से लेकर गलियों-नुक्कड़ों और चौराहों पर उनके ही चर्चे हैं। अटल लहर पर सवार भाजपा भी इस सहानुभूति को कम नहीं होने देना चाहती। भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अटल बिहारी की लोकप्रियता भुनाना चाहती है। इसीलिये बीजेपी ने अस्थि कलश विसर्जन से लेकर गांव-गांव तक तमाम श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किये हैं, जो महीनों चलेंगे। सरकार अटल के नाम पर सड़कें, स्मारक और चिकित्सा विश्वविद्यालय समेत कई और योजनाएं शुरू करने जा रही है, जिनके शिलान्यास और उद्घाटन होने में महीनों लगेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी 2019 तक अटल लहर को समाप्त नहीं होने देना चाहती है। 23 अगस्त को लखनऊ में सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी, जिसके लिये मायावती-अखिलेश यादव और राजबब्बर को आमंत्रित भी किया जा चुका है।
अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम
भारतीय जनता पार्टी पूर्व पीएम अटल के अस्थि कलश को देश की 100 नदियों के साथ यूपी के हर जिले की नदियों में प्रवाहित करेगी। इनमें यूपी की गंगा में 25 बार, यमुना में 18 बार, घाघरा में 13 बार, गोमती में 10 बार, रामगंगा में 7 बार, ताप्ती में 6 बार, हिंडन में 6 बार और गंडक में 4 बार अस्थियां विसर्जित की जाएंगी। इनके अलावा कई नदियां ऐसी हैं जो दो से तीन जिलों में होकर बहती हैं। इनमें भी उनकी अस्थियां प्रवाहित की जाएंगी। इस दौरान जगह-जगह श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर पर पूर्व पीएम का श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 24 अगस्त को बीजेपी सूबे के 16 अलग-अलग स्थानों के लिये अस्थि कलाश यात्रा निकालेगी, जहां की प्रमुख नदियों में अस्थियां विसर्जित की जाएंगी। इस दौरान हर कलश यात्रा के संग प्रदेश सरकार के मंत्री और पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
अटल के नाम पर चिकित्सा विश्व विद्यालय
उत्तर प्रदेश सरकार अटल बिहारी के नाम पर राजधानी की सीजी सिटी में 50 एकड़ जमीन पर चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाने जा रही है। इस विवि के अधीन 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज और केंद्रीय सहायता से 13 नये जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर बनने वाले मेडिकल कॉलेज होंगे। छावनी स्थित कैंट अस्पताल का नाम भी अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर होगा। इसके अलावा योगी सरकार बलरामपुर में 19 एकड़ जमीन पर एक मेडिकल कॉलेज और एक आयुष चिकित्सा विश्वविद्यालय खोलने जा रही है। इसे केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
अटल के नाम पर बनेंगे चार बड़े स्मारक
योगी आदित्यनाथ सरकार भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर उत्तर प्रदेश में चार स्मारकों का निर्माण कराएगी। इनमें आगरा का बटेश्वर, कानपुर, बलरामपुर और लखनऊ शामिल हैं। अटल जी ने कानपुर में अपनी पढ़ाई की थी। बलरामपुर से वह पहली बार लोकसभा सांसद चुने गये थे, वहीं लखनऊ उनकी कर्मभूमि रही है। आगरा के बटेश्वर में उनका जन्मस्थान है।
मोदी लहर से भाजपा ने जीता था पिछला चुनाव
भारतीय जनता पार्टी ने मोदी लहर पर सवार होकर 2014 का लोकसभा चुनाव जीता था। गोरखपुर-फूलपुर के बाद नूरपुर और कैराना उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद यूपी में सपा-बसपा, कांग्रेस और रालोद के संभावित महागठबंधन की अटकलें तेज हैं। विपक्षी दलों की एकजुटता और आक्रामकता के चलते बीजेपी 2019 के लिये रणनीति बनाने में लगी है। पार्टी आलाकमान का मानना है कि भाजपा कार्यकर्ता जितना जनता के बीच रहेंगे, पार्टी को उतना ही फायदा होगा। यही कारण है कि बीजेपी 2019 का लोकसभा चुनाव मोदी सरकार के कामकाज के अलावा अटल की सहानुभूति लहर के सहारे जीतना चाहती है।
इन राज्यों में अटल के नाम पर होंगी घोषणाएं
मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य भाजपा शासित राज्यों में अटल बिहारी को लेकर बड़ी तैयारी है। छत्तीसगढ़ सरकार रायपुर में बन रही नई राजधानी का नाम 'अटल नगर' करने की घोषणा कर चुकी है। बिलासपुर यूनिवर्सिटी का नाम भी बदलकर 'अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय' किया जाएगा। एक रेल लाइन का नाम भी 'अटल पथ' किया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार 13 विश्वविद्यालयों में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर एक अध्ययन शाखा स्थापित करने जा रहा है। हिमाचल प्रदेश की मशहूर रोहतांग सुरंग का नामकरण अटल के नाम पर किया जा रहा है। मनाली में अटल का एक स्मारक बनाने की तैयारी है। उत्तराखंड में ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में बन रहा 750 सीटों वाला सभागार वाजपेयी के नाम पर किया जाएगा। झारखंड सरकार ने वाजपेयी की जीवन यात्रा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की है।
वाजपेयी की अस्थियों की मार्केटिंग कर रही बीजेपी : सपा प्रवक्ता
देश भर की 100 नदियों में अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि विसर्जन के शेड्यूल पर सवाल उठने लगे हैं। सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा गोलवरकर के मार्ग चलने की बात कहने वाला यह दल अब न्यु भारतीय जनता पार्टी बन गया है। गोलवरकर जी ने नेहरू जी अस्थियों का बड़े स्तर पर विसर्जन का विरोध किया था। लेकिन अब यही भाजपा वाले मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिये वाजपेयी की अस्थियों का सहारा ले रहे हैं। सपा प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी सिर्फ मार्केटिंग करना जानती है। वह भगवान की मार्केटिंग की मार्केटिंग करती है, मुद्दों की मार्केटिंग करती और अब शायद वाजपेयी जी की अस्थियों की भी मार्केटिंग कर रही है।
नेहरू की अस्थियों के विसर्जन पर उठे थे सवाल
नेहरू की मौत के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की फौज ने देश भर के किसानों के खेतों में उनकी अस्थियों को बिखेरना शुरू किया था। गोलवरकर ने इसकी जमकर आलोचना की और कहा कि वैज्ञानिक समाजवादी नेहरू के निधन के बाद इतना तमाशा क्यों किया जा रहा है। वह वसीयत में साफ-साफ लिख गये थे कि उनकी मौत के बाद कोई श्राद्धकर्म न किया और न ही उनके नाम पर कोई स्मारक बनाया जाये। नेहरू मॉडल को कोसने वाले भाजपा नेता अब उसी राह चल पड़े हैं और वही मॉडल अपना रहे हैं।
वीडियो में देखें- क्या बोले सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया...
Updated on:
22 Aug 2018 03:45 pm
Published on:
22 Aug 2018 03:40 pm
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